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कश्मीर को लेकर JNU में नया बखेड़ा, हंगामे की आशंका को लेकर वेबिनार कैंसिल

DELHI : दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी का विवादों से पुराना नाता रहा है। एक बार से जेएनयू में कश्मीर को लेकर नया बखेड़ा शुरू हो गया है। हंगामा और ना बढ़े इसलिए जेएनयू प्

कश्मीर को लेकर JNU में नया बखेड़ा, हंगामे की आशंका को लेकर वेबिनार कैंसिल
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DELHI : दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी का विवादों से पुराना नाता रहा है। एक बार से जेएनयू में कश्मीर को लेकर नया बखेड़ा शुरू हो गया है। हंगामा और ना बढ़े इसलिए जेएनयू प्रशासन ने सेंटर फॉर वुमेन स्टडीज की तरफ से आयोजित होने वाले वेबिनार को कैंसिल कर दिया है। दरअसल जेएनयू के सेंटर फॉर वुमन स्टडीज की तरफ से एक वेबिनार का आयोजन किया जाना था। इसके आमंत्रण पत्र में कश्मीर के लिए भारत अधिकृत कश्मीर शब्द का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद विवाद शुरू हो गया शुक्रवार यानि आज शाम ही यह वेबिनार आयोजित होना था लेकिन विवाद बढ़ने के बाद इससे कैंसिल कर दिया गया। 


जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों को इस बात को लेकर आपत्ति थी कि कश्मीर के लिए भारत अधिकृत कश्मीर शब्द का इस्तेमाल क्यों किया गया। आमंत्रण पत्र सामने आने के बाद ही बखेड़ा शुरू हो गया था। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मैं इससे तरह के आयोजन को गैर संवैधानिक करार दिया। आपको बता दें कि जेएनयू प्रशासन भी इस तरह के आमंत्रण पत्र और आयोजन को लेकर खासा नाराज है। जेएनयू की एबीवीपी यूनिट का कहना है कि राष्ट्र विरोधी कार्यक्रम का आयोजन लेफ्ट विंग की तरफ से पहले भी किया जाता रहा है। हम भारत की संप्रभुता को कमजोर करने वाले किसी भी कार्यक्रम और आयोजन का विरोध करेंगे। 


जेएनयू प्रशासन विद्यमान रहा है कि रविनार के लिए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर को भारतीय कब्जे वाले कश्मीर के रूप में संबोधित किया गया। इस तरह की शब्दावली का इस्तेमाल तब किया गया जब भारत बार-बार यह कह चुका है एक कश्मीर भारतीय गणराज्य का अभिन्न अंग है। जाहिर है इस मामले के सामने आने के बाद आने वाले दिनों में जेएनयू के अंदर और ज्यादा टकराव देखने को मिल सकता है।

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