ब्रेकिंग
Bihar News : बिहार में पुलिस के हथियारों पर बड़ा फैसला! अब भीड़ के बीच नहीं दिखेगी AK-47, जानिए क्या है नया नियमरोशन आनंद की गिरफ्तारी पर बड़ा मोड़! NHRC ने पटना SSP को चेताया, 3 सितंबर तक मांगा जवाबBihar STET 2026 : बिहार में शिक्षक बनने का मौका, 17 अगस्त से खुलेगा STET का फॉर्म; आवेदन से पहले ये बातें जान लेंBihar weather : बिहार में आज फिर बरसेंगे बदरा! पटना समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट, घर से निकलने से पहले जान लें मौसम का हाल19 अगस्त को राजद का लोक भवन मार्च, छात्रों पर लाठीचार्ज और फायरिंग के विरोध में तेजस्वी यादव का ऐलानBihar News : बिहार में पुलिस के हथियारों पर बड़ा फैसला! अब भीड़ के बीच नहीं दिखेगी AK-47, जानिए क्या है नया नियमरोशन आनंद की गिरफ्तारी पर बड़ा मोड़! NHRC ने पटना SSP को चेताया, 3 सितंबर तक मांगा जवाबBihar STET 2026 : बिहार में शिक्षक बनने का मौका, 17 अगस्त से खुलेगा STET का फॉर्म; आवेदन से पहले ये बातें जान लेंBihar weather : बिहार में आज फिर बरसेंगे बदरा! पटना समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट, घर से निकलने से पहले जान लें मौसम का हाल19 अगस्त को राजद का लोक भवन मार्च, छात्रों पर लाठीचार्ज और फायरिंग के विरोध में तेजस्वी यादव का ऐलान

10 साल की लव स्टोरी के बाद मुस्लिम युवती ने हिंदू प्रेमी संग लिए सात फेरे, शाहजहां से बनी प्रतीक्षा

जौनपुर की शाहजहां बानो ने 10 साल पुराने प्रेम संबंध के बाद अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाकर प्रतीक्षा नाम रखा और प्रतापगढ़ के पवन के साथ बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में वैदिक रीति-रिवाज से शादी कर ली।

उत्तर प्रदेश न्यूज
स्कूल से शुरू हुई थी दोनों की प्रेम कहानी
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

UTTAR PRADESH: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में एक अंतरधार्मिक प्रेम विवाह चर्चा का विषय बना हुआ है। जौनपुर की रहने वाली शाहजहां बानो ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाकर अपना नया नाम ‘प्रतीक्षा’ रखा और प्रतापगढ़ निवासी अपने प्रेमी पवन के साथ वैदिक रीति-रिवाज से विवाह कर लिया।


स्कूल से शुरू हुई थी दोनों की प्रेम कहानी

जौनपुर जिले के भीलमपुर गांव निवासी शाहजहां बानो और प्रतापगढ़ के भोजेमऊ गांव निवासी पवन की मुलाकात स्कूल के दिनों में हुई थी। बाद में दोनों ने एक ही कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की, जहां उनकी दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। करीब 10 वर्षों तक दोनों संपर्क में रहे और एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला किया। हालांकि, दोनों अलग-अलग धर्मों से थे, इसलिए उनके परिवार इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं हुए।


परिवार की असहमति के बाद लिया शादी का फैसला

परिजनों की असहमति के बाद दोनों ने अपनी इच्छा से विवाह करने का निर्णय लिया। बालिग जोड़ों के विवाह की व्यवस्था की जानकारी मिलने पर वे बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचे। आश्रम के पंडित केके शंखधार ने दोनों के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आयु संबंधी दस्तावेज और अन्य आवश्यक कागजात की जांच की। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद दोनों के बालिग होने की पुष्टि की गई।


वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ विवाह

प्रतीक्षा की इच्छा के अनुसार आश्रम में सनातन परंपरा के तहत सिंदूरदान, मंगलसूत्र और सात फेरों की सभी रस्में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न कराई गईं। विवाह के बाद दोनों ने जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया।


आश्रम प्रमुख ने बताया कि यह उनके आश्रम में संपन्न कराया गया 251वां विवाह है। उन्होंने कहा कि आश्रम में केवल बालिग और अपनी स्वतंत्र इच्छा से विवाह करने वाले जोड़ों का ही विवाह कराया जाता है तथा सभी मामलों में कानूनी प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच के बाद ही विवाह संपन्न कराया जाता है।

टैग्स