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ज्ञानवापी सर्वे का तीसरा दिन: मुख्य गुंबद के नीचे आदि विश्वेश्वर मंदिर का गर्भगृह होने का दावा

DESK: बीते 4 अगस्त से शुरू हुए ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का आज तीसरा दिन है। रविवार को भी एएसआई की टीम सर्वे का काम कर रही है। हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि मुख्य गुंबद के नीचे आदि

ज्ञानवापी सर्वे का तीसरा दिन: मुख्य गुंबद के नीचे आदि विश्वेश्वर मंदिर का गर्भगृह होने का दावा
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DESK: बीते 4 अगस्त से शुरू हुए ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का आज तीसरा दिन है। रविवार को भी एएसआई की टीम सर्वे का काम कर रही है। हिंदू पक्ष ने दावा किया है कि मुख्य गुंबद के नीचे आदि विश्वेश्वर मंदिर का गर्भगृह स्थित है। हिंदू पक्ष के लोगों ने मुख्य गुंबद के नीचे स्थित कमरे की GPR जांच की मांग की है ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।


हिंदू पक्ष शुरू से ही मुख्य गुंबद के नीचे जांच कराने की मांग करता रहा है और दावा करता रहा है कि उक्त स्थान पर आदि विश्वेश्वर मंदिर का गर्भगृह था और उसके नीचे शिवलिंग समेत अन्य साक्ष्य अभी भी मौजूद हैं। कोर्ट में भी मंदिर कमेटी की तरफ से इस बात को बार बार कहा गया है। पूरे ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की मांग के पीछे यह एक बड़ा कारण रहा है। 


हिंदू पक्ष के वकीलों के मुताबिक, इतिहासकार जेम्स प्रिंसेप ने अपनी पुस्तक में अष्टकोणीय आदि विश्वेश्वर मंदिर का नक्शा दिखाया है। जिसके मुताबिक ज्ञानवापी परिसर के मध्य में मंदिर का गर्भगृह था, जिसमें आदि विश्वेश्वर का शिवलिंग विराजमान था। दावा है कि साल 1669 में मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई, जिसके तीन गुंबदों में से बीच का मुख्य गुंबद गर्भगृह के ऊपर बनाया गया है।

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