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कोविड सेंटर में लगी आग, बिना PPE किट पहने 2 महिला डॉक्टरों ने बचाई 9 कोरोना मरीज की जान

DESK: कोविड सेंटर में अचानक आग लग गई. इस बीच दो महिला डॉक्टरों ने बिना पीपीई किट पहने हुए 9 मरीजों की जान बचाई. अगर पीपीई किट पहनने में समय लगाती को मरीजों को बचा पाना संभव नह

कोविड सेंटर में लगी आग, बिना PPE किट पहने 2 महिला डॉक्टरों ने बचाई 9 कोरोना मरीज की जान
Manish Kumar
2 मिनट

DESK: कोविड सेंटर में अचानक आग लग गई. इस बीच दो महिला डॉक्टरों ने बिना पीपीई किट पहने हुए 9 मरीजों की जान बचाई. अगर पीपीई किट पहनने में समय लगाती को मरीजों को बचा पाना संभव नहीं था और काफी देर हो जाती है. यह मामल ग्वालियर के जयारोग्य कोविड सेंटर का है. 

9 कोरोना मरीज थे भर्ती

घटना के बारे में बताया जा रहा है कि कोविड सेंटर में 9 कोरोना के मरीज भर्ती थे. अचानक हॉस्पिटल में आग लगने की सूचना मिली को दोनों महिला डॉक्टरों ने स्टाफ के साथ बहादुरी से सभी मरीजों को बचा लिया गया है. इस दौरान दो मरीज मामूली रूप से झुलस गए.


ICU में लगी थी आग

हॉस्पिटल के चौथी मंजिल पर स्थित ICU में आग लगी गई थी. जैसे ही पता चला तो नोडल अफसर नीलिमा टंडन और नीलिमा सिंह तुरंत पहुंची. दोनों को पीपीई किट पहने का समय भी नहीं मिला. तुरंत बाकी स्टाफ को बुलाकर मरीजों को निकाला गया. इस दौरान एक जूनियर डॉक्टर बेहोश हो गया. उससे भी भर्ती कराया गया. फिलहाल वह खतरे से बाहर है. 


मरीजों को बचाना था मकसद

घटना के बारे में डॉक्टर नीलिमा ने बताया कि आग लगने के बाद हॉस्पिटल में शोर हुआ. इस दौरान सभी को अलर्ट किया गया. चारों तरफ धुंआ भर गया था. किसी तरह से मरीजों को बचाना सबसे बड़ा मकसद था. बिना वक्त गवाए हमलोग मरीजों को बाहर निकालने में जुट गए.

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