MADHYA PRADESH: मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के अलकापुरी इलाके में रहने वाले ओझा परिवार की लाडली मादा तोता ‘शकुंतला’ के लापता होने से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। परिवार ने शकुंतला को सुरक्षित ढूंढकर लाने वाले को 50 हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है। उसकी तलाश में पूरे शहर में ई-रिक्शा के माध्यम से मुनादी कराई जा रही है।
दादी और पोती ने खाना-पानी छोड़ा
शकुंतला के गायब होने के बाद परिवार की बुजुर्ग दादी और नन्हीं पोती का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों ने उसके गम में खाना-पानी तक छोड़ दिया है और लगातार उसके लौटने का इंतजार कर रही हैं। परिवार का कहना है कि घर का माहौल पूरी तरह बदल गया है और सभी सदस्य उसकी तलाश में जुटे हुए हैं।
खिड़की खुली रह जाने से उड़ गई शकुंतला
शकुंतला हरे रंग की बेहद समझदार मादा तोता है, जिसके सिर पर ग्रे और लाल रंग का तिलक जैसा अनूठा निशान है। सोमवार को घर की खिड़की खुली रह जाने के कारण वह अचानक उड़ गई। कई दिन बीत जाने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटी, तो परिवार की चिंता और बढ़ गई।
ई-रिक्शा से पूरे शहर में खोजबीन
अपनी लाडली तोता को वापस पाने के लिए ओझा परिवार ने बड़े स्तर पर खोज अभियान शुरू किया है। शहर के प्रमुख बाजारों और कॉलोनियों में ई-रिक्शा के जरिए लाउडस्पीकर पर लोगों से मदद की अपील की जा रही है। ई-रिक्शा चालक सोनू सुबह से शाम तक शहर में घूमकर शकुंतला के बारे में जानकारी देने और उसे ढूंढने की अपील कर रहा है। परिवार अब तक इस अभियान पर करीब 15 हजार रुपये खर्च कर चुका है।
कभी पिंजरे में कैद नहीं रही शकुंतला
करीब एक साल पहले शकुंतला ओझा परिवार के जीवन में आई थी और जल्द ही परिवार का अभिन्न हिस्सा बन गई। उसे कभी पिंजरे में बंद नहीं रखा गया। वह पूरे घर में स्वतंत्र रूप से उड़ती थी, परिवार के सदस्यों के कंधों पर बैठती थी और चहकती रहती थी।
परिवार के सदस्य अनिल ओझा ने कहा कि उनके लिए 50 हजार रुपये की रकम कोई मायने नहीं रखती। उन्होंने कहा, “हमारी असली दौलत शकुंतला है। उसके वापस आने पर ही मां और बेटी के चेहरे पर मुस्कान लौटेगी।” परिवार ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को शकुंतला दिखाई दे, तो तुरंत सूचना देकर उसे सुरक्षित घर पहुंचाने में मदद करें।





