DESK: आज हम आपकों ऐसे गांव की कहानी बताने जा रहे हैं, जहां लोग अपनी बेटी की शादी करना नहीं चाहते हैं। आस-पास के गांवों के लोग भी अब यहां बेटी की शादी करने से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में लड़कों की उम्र भी शादी के इंतजार में बढ़ती जा रही है। ऐसी स्थिति क्यों है? यह सवाल आपके भी मन में हो रहा होगा..दरअसल मच्छरों के चलते लोग यहां कुंवारें रहने को विवश हैं।
हम बात कर रहे हैं, गुजरात के राजकोट जिले के वेजा गांव की जहां मच्छरों की गंभीर समस्या ने लोगों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। यह समस्या अब सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि सामाजिक रिश्तों और आजीविका पर भी गहरा असर डाल रही है।
गांव में मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि कोई भी व्यक्ति अपनी बेटी की शादी यहां करने को तैयार नहीं है। आसपास के गांवों के लोग भी अब वेजा में रिश्ते जोड़ने से बच रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि शादी योग्य युवकों के रिश्ते केवल इसलिए टूट रहे हैं क्योंकि कोई भी परिवार अपनी बेटी को ऐसे गांव में भेजना नहीं चाहता, जहां रहना तक मुश्किल हो।
दिन हो या रात, हर समय मच्छरों का आतंक बना रहता है। गांव में रिश्तेदार आना भी पसंद नहीं करते, और अगर कोई आ भी जाए तो शाम होते ही वापस लौट जाता है। इसका सीधा असर गांव के युवकों की शादियों पर पड़ रहा है और धीरे-धीरे गांव सामाजिक अलगाव की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।
इस समस्या का असर पशुपालन पर भी साफ तौर से पड़ रहा है। पशुपालकों को अपने जानवरों को बचाने के लिए बड़े-बड़े मच्छरदानी जाल लगाने पड़ रहे हैं। मच्छरों के लगातार काटने से पशु बीमार हो रहे हैं, जिससे दूध उत्पादन में भारी गिरावट आई है। दवाइयों, कीटनाशकों और मच्छरदानियों पर होने वाले खर्च ने किसानों की आर्थिक स्थिति को भी कमजोर कर दिया है। कुछ किसान तो अपने पशुधन को बेचने तक का विचार कर रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या पिछले 7-8 वर्षों से बनी हुई है और लगातार बढ़ती जा रही है। गांव के आसपास जमा गंदा पानी, जलकुंभी और सफाई की कमी मच्छरों के बढ़ने का मुख्य कारण हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन केवल औपचारिकता के तौर पर दवाइयों का छिड़काव करता है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गंदे पानी की निकासी का स्थायी समाधान किया जाए, जलकुंभी को हटाया जाए और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रभावी योजना बनाई जाए, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें। यहां के बच्चों की शादियां हो सके, लोग अपनी बेटी को खुशी-खुशी इस गांव में शादी करे। आज की स्थिति को देखकर गांव के लोग काफी परेशान हैं। अब उनकी नजरें सरकार पर टिकी हुई है।





