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रोड एक्सीडेंट में घायलों की मदद पर मिलेंगे इतने रुपये, जानिए क्या है स्कीम और कैसे उठाएं लाभ?

सड़क पर हादसा… भीड़ जुटती है, लेकिन मदद के लिए कदम अक्सर पीछे हट जाते हैं। क्या हो अगर किसी की जान बचाने पर आपको 25,000 रुपये का इनाम मिले—और कानूनी झंझट से भी पूरी सुरक्षा? सरकार की राहवीर स्कीम अब इस डर और हिचक को तोड़ने आई है।

रोड एक्सीडेंट में घायलों की मदद पर मिलेंगे इतने रुपये, जानिए क्या है स्कीम और कैसे उठाएं लाभ?
Tejpratap
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4 मिनट

Government Raahveer Scheme: देश में हर दिन सैकड़ों सड़क हादसे होते हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण कई लोग अपनी जान गंवा देते हैं। इन हादसों में सबसे अहम होता है दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, जिसे ‘गोल्डन ऑवर’ कहा जाता है। अक्सर देखा जाता है कि लोग घायल को सड़क पर तड़पता देखकर भी कानूनी झंझट या पुलिस कार्रवाई के डर से मदद करने से बचते हैं।


इसी झिझक को खत्म करने के लिए सरकार ने ‘राहवीर स्कीम’ (Raahveer Scheme) लागू की है। इस योजना के तहत यदि कोई व्यक्ति सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाता है, तो उसे 25,000 रुपये तक का नकद इनाम दिया जाएगा।


क्या है राहवीर स्कीम?

राहवीर स्कीम का मकसद लोगों को सड़क हादसे के पीड़ितों की मदद के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत कोई भी आम नागरिक, जो दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर यानी पहले एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने में मदद करता है, वह इनाम का पात्र होगा।


सरकार का मानना है कि अगर दुर्घटना के तुरंत बाद घायल को सही इलाज मिल जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए इस योजना में समय की विशेष अहमियत रखी गई है।


क्या होता है ‘गोल्डन ऑवर’?

डॉक्टरों के अनुसार, सड़क हादसे के बाद का पहला एक घंटा सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान अधिक खून बहना, सांस लेने में दिक्कत या गंभीर अंदरूनी चोटें जानलेवा साबित हो सकती हैं। अगर इस समय में मरीज को मेडिकल सुविधा मिल जाए, तो स्थिति को संभाला जा सकता है।


इसी सोच के साथ इस योजना को तैयार किया गया है ताकि आम लोग मूकदर्शक न बने रहें, बल्कि जरूरत पड़ने पर आगे बढ़कर इंसानियत का परिचय दें।


कैसे मिलेगा 25,000 रुपये का इनाम?

इस योजना में किसी विशेष पेशे या पहचान की शर्त नहीं रखी गई है। कोई भी नागरिक—चाहे वह राहगीर हो, वाहन चालक हो या आसपास का दुकानदार—यदि घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाता है, तो वह इनाम का हकदार होगा।


हालांकि, एक सड़क हादसे के लिए अधिकतम 25,000 रुपये की ही राशि दी जाएगी, भले ही मदद करने वाले एक से अधिक लोग हों। इसके अलावा, मददगार को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा।


कानूनी झंझट से नहीं होगी परेशानी

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मदद करने वाले व्यक्ति को अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया या पुलिस पूछताछ में नहीं उलझाया जाएगा। ‘गुड सेमेरिटन’ (Good Samaritan) दिशा-निर्देशों के तहत ऐसे लोगों को संरक्षण दिया गया है, ताकि वे बिना डर के घायल की मदद कर सकें।


राष्ट्रीय स्तर पर भी मिलेगा सम्मान

यह योजना Delhi में विशेष रूप से लागू की गई है और इसे केंद्र सरकार की पहल के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत राष्ट्रीय स्तर पर हर साल 10 चुनिंदा लोगों को एक-एक लाख रुपये का विशेष सम्मान भी दिया जाएगा, जिन्होंने असाधारण साहस और मानवता का परिचय देते हुए किसी की जान बचाई हो।

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