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इलेक्ट्रॉनिक से पहले डिजिटल मीडिया पर बने नियम, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया हलफनामा

DESK : अब देश भर में इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के लिए जल्द नियम बनाने की मांग उठ रही है. एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम पर उठी आपत्ति के बाद देश की मेन स्ट्रीम मीडिया यानि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर अं

इलेक्ट्रॉनिक से पहले डिजिटल मीडिया पर बने नियम, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया हलफनामा
Anamika
2 मिनट

DESK : अब देश भर में इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के लिए जल्द नियम बनाने की मांग उठ रही है. एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम पर उठी आपत्ति के बाद देश की मेन स्ट्रीम मीडिया यानि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर अंकुश लगाने की सुनवाई के बीच अब केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनाम दाखिल किया है. 

सरकार के तरफ से जारी किए गए हलफनामे में कहा गया है कि  मेन स्ट्रीम मीडिया से पहले डिजिटल मीडिया के लिए रेगुलेशन बनाने की जरूरत है, क्योंकि डिजिटल मीडिया का असर मेन स्ट्रीम मीडिया से ज्यादा व्यापक है. 

केंद्र सरकार ने सुप्रिम कोर्ट में  'दाखिल की गई याचिका में सिर्फ एक चैनल के नाम का जिक्र है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट को मीडिया के लिए दिशा-निर्देश जारी करने से लिए एमिकस क्यूरी या समिति के गठन की कवायद नहीं करनी चाहिए. डिजिटल मीडिया के गंभीर प्रभाव और क्षमता को देखते हुए, अगर सुप्रीम कोर्ट कोई रेगुलेशन लाना चाहता है तो इसे पहले डिजिटल मीडिया के संबंध में किया जाना चाहिए, क्योंकि पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया को लेकर पर्याप्त गाइलडलाइंस और न्यायिक घोषणाएं मौजूद हैं.'

केंद्र की तरफ से कहा गया कि 'मेन स्ट्रीम मीडिया यानि टीवी न्यूज चैनल्स, इनका टेलीकास्ट सिर्फ एक बार का काम है. लेकिन डिजिटल मीडिया की पहुंच बहुत व्यापक और तेज है. इसको पढ़ने वाले और देखने वाले कहीं ज्यादा है. WhatsApp, Twitter, Facebook के जरिए कोई भी सूचना तेजी से वायरल हो जाती है.'
सरकार ने कोर्ट में कहा कि 'बोलने की आजादी और जिम्मेदार पत्रकारिता के संतुलन का क्षेत्र पहले से ही वैधानिक प्रावधानों और पिछले निर्णयों से संचालित होता है.'