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Dharmendra Pradhan Love Story: डिबेट के मंच पर मृदुला ठाकुर को दिल दे बैठे थे धर्मेंद्र प्रधान, जानिए उनकी दिलचस्प प्रेम कहानी

Dharmendra Pradhan Love Story: जानिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और उनकी पत्नी मृदुला ठाकुर की दिलचस्प प्रेम कहानी। छात्र राजनीति के दौरान हुई मुलाकात कैसे प्यार में बदली, कब हुई शादी और कैसा रहा उनका राजनीतिक सफर।

दिल्ली न्यूज
धर्मेन्द्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

Dharmendra Pradhan Love Story:देशभर में NEET पेपर लीक के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के बीच मोदी सरकार के वरीय कैबिनेट मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका इस्तीफा ऐसे वक्त में हुआ जब मोदी सरकार पेपर लीक को लेकर लगातार बैकफुट पर है और इस मुद्दे को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन लगातार हो रहा है। धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज छात्रों ने बिहार बंद भी किया। बिहार बंद के दौरान छात्र विरोध प्रदर्शन कर ही रहे थे कि अचानक दोपहर में यह बात फैल गई कि धर्मेन्द्र प्रधान ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा है। इस बात की जानकारी खुद धर्मेन्द्र प्रधान ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर दी। 


केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपनी राजनीतिक शैली और प्रभावशाली वक्तृत्व कला के लिए जाने जाते हैं। लेकिन उनकी निजी जिंदगी की प्रेम कहानी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। विरोधियों को अपने तर्कों से घेरने वाले धर्मेंद्र प्रधान पहली ही मुलाकात में हिमाचल प्रदेश की मृदुला ठाकुर के व्यक्तित्व और बोलने के अंदाज से प्रभावित हो गए थे।


छात्र राजनीति के दौरान हुई पहली मुलाकात

26 जून 1969 को ओडिशा के तालचेर में जन्मे धर्मेंद्र प्रधान का हिमाचल प्रदेश से विशेष रिश्ता है। उनकी पत्नी मृदुला ठाकुर हिमाचल के कांगड़ा जिले के कोठुवां गांव की रहने वाली हैं। छात्र जीवन में वह हिमाचल विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की सक्रिय और तेज-तर्रार नेता थीं।


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, छात्र राजनीति के दौरान मुंबई में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक कार्यक्रम में धर्मेंद्र प्रधान और मृदुला ठाकुर की पहली मुलाकात हुई। उस समय दोनों एक बहस (डिबेट) प्रतियोगिता में मंच साझा कर रहे थे। मृदुला के प्रभावशाली तर्क, आत्मविश्वास और बेहतरीन वक्तृत्व कला ने धर्मेंद्र प्रधान को बेहद प्रभावित किया। यहीं से दोनों के बीच दोस्ती की शुरुआत हुई, जो समय के साथ प्यार में बदल गई।


1998 में परिवार की सहमति से की शादी

लंबे समय तक एक-दूसरे को समझने के बाद धर्मेंद्र प्रधान और मृदुला ठाकुर ने वर्ष 1998 में परिवार की सहमति से विवाह कर लिया। इस दंपति के दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी।


शादी के बाद राजनीति से बनाई दूरी

विवाह के बाद मृदुला ठाकुर ने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली और परिवार की जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित किया। हालांकि, वह समय-समय पर अपने पति के साथ राजनीतिक कार्यक्रमों और सामाजिक आयोजनों में नजर आती हैं। शांत और सरल स्वभाव की मृदुला हर सुख-दुख में धर्मेंद्र प्रधान के साथ मजबूती से खड़ी रही हैं, इसलिए दोनों को राजनीति के आदर्श दंपतियों में गिना जाता है।


धर्मेंद्र प्रधान का राजनीतिक सफर

धर्मेंद्र प्रधान को राजनीति विरासत में मिली। उनके पिता देवेंद्र प्रधान अटल बिहारी वाजपेयी सरकार (1998–2004) में केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने वर्ष 1983 में तालचेर कॉलेज में पढ़ाई के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से छात्र राजनीति की शुरुआत की। वह छात्र संघ के अध्यक्ष और बाद में सचिव भी रहे। इसके बाद उन्होंने भुवनेश्वर स्थित उत्कल विश्वविद्यालय से मानवशास्त्र (Anthropology) में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।


वर्ष 2000 में वह ओडिशा की पल्लाहारा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। वर्ष 2004 से 2006 तक उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इसके अलावा वह भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव भी रहे हैं। जुलाई 2021 से वह भारत सरकार में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाई। आज से पहले मोदी सरकार में धर्मेन्द्र प्रधान केन्द्रीय शिक्षा मंत्री थे। आज 25 जुलाई को उन्होंने केन्द्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।   

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