ब्रेकिंग
इलाज के नाम पर हैवानियत, बीमार बच्चों को पैरो से पकड़कर ज़मीन पर पटकता रहा तांत्रिक... वीडियो देख कांप जाएगी रूह✦कानाफूसी: सचिवालय के 'साहेब' का वसूली गैंग! बॉडीगार्ड-रिश्तेदार से लेकर स्वधर्म वाले शख्स को दिया जिम्मा, सिफारिशी पोस्टिंग वाले निशाने पर...'लक्ष्मी' रिलीज करने का भारी दबाव✦‘तटबंध का पक्कीकरण नहीं हुआ तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’, बीजेपी विधायक ने कर दिया एलान✦UG Admission से चूके छात्रों को मिला एक और मौका! बिहार के कॉलेजों में स्पॉट एडमिशन शुरू, यह है आखिरी तारीख✦दिवाली-छठ पर दिल्ली से पटना के लिए चलेगी वंदे भारत स्पेशल? रेलवे ने भेजा प्रस्ताव, जानें रूट और शेड्यूल✦इलाज के नाम पर हैवानियत, बीमार बच्चों को पैरो से पकड़कर ज़मीन पर पटकता रहा तांत्रिक... वीडियो देख कांप जाएगी रूह✦कानाफूसी: सचिवालय के 'साहेब' का वसूली गैंग! बॉडीगार्ड-रिश्तेदार से लेकर स्वधर्म वाले शख्स को दिया जिम्मा, सिफारिशी पोस्टिंग वाले निशाने पर...'लक्ष्मी' रिलीज करने का भारी दबाव✦‘तटबंध का पक्कीकरण नहीं हुआ तो अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा’, बीजेपी विधायक ने कर दिया एलान✦UG Admission से चूके छात्रों को मिला एक और मौका! बिहार के कॉलेजों में स्पॉट एडमिशन शुरू, यह है आखिरी तारीख✦दिवाली-छठ पर दिल्ली से पटना के लिए चलेगी वंदे भारत स्पेशल? रेलवे ने भेजा प्रस्ताव, जानें रूट और शेड्यूल

देश के 28वें सेना प्रमुख बने जनरल मनोज मुकुंद नरवणे, बिपिन रावत की मौजूदगी में संभाला कार्यभार

DESK : मंगलवार को देश के 28वें सेना प्रमुख के रुप में जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने पदभार संभाला. लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने जनरल बिपिन रावत से सेना प्रमुख का कार्यभार ग्रहण किया. लेफ्टिनेंट

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

DESK : मंगलवार को देश के 28वें सेना प्रमुख के रुप में जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने पदभार संभाला. लेफ्टिनेंट जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने जनरल बिपिन रावत से सेना प्रमुख का कार्यभार ग्रहण किया. लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे अभी तक सेना के उप प्रमुख रहे थे. आर्मी चीफ बनते ही वे दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में शामिल 13 लाख थल सैनिकों के मुखिया बन गए हैं .

सरकार ने पहले ही सीडीएस के पद पर जनरल बिपिन रावत को तैनात करने का ऐलान कर दिया है. एमएम नरवणे के पास लंबा सैन्य अनुभव है, उन्होंने जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ विशेष अभियान का नेतृत्व किया है. डिफेंस कॉरिडोर के मामले में नरवणे को चीन के मामलों का एक्सपर्ट माना जाता है. 


1980 में 7वीं सिख लाइट इन्फेंट्री रेजीमेंट में कमीशन हुए लेफ्टिनेंट जनरल नरवणे जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय राइफल्स की बटालियन की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. नॉर्थ ईस्ट में असम राइफल्स के इंस्पेक्टर जनरल के तौर पर कार्य करने का अनुभव और अंबाला स्थित खड़क स्ट्राइक कॉर्प्स में भी नरवणे ने अपनी सेवाएं दी हैं.