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कोरोना रिपोर्ट में बड़ा फर्जीवाड़ा, एक हजार रुपये में निगेटिव रिपोर्ट देने का भंडाफोड़

DESK : कोरोना महामारी के इस दौर में जांच रिपोर्ट के दाम पर बड़े फर्जीवाड़े की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट के नाम पर बड़ा फर्

FirstBihar
Santosh Singh
2 मिनट

DESK : कोरोना महामारी के इस दौर में जांच रिपोर्ट के दाम पर बड़े फर्जीवाड़े की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा करने का खुलासा हुआ है। यहां 500 से 1000 रुपये लेकर किसी भी व्यक्ति को निगेटिव कोरोना रिपोर्ट मुहैया करा देने का मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद लखनऊ के पीजीआई में हड़कंप मच गया है। 


इस खुलासे के बाद पीजीआई की सुरक्षा समिति ने तत्काल एफआईआर दर्ज करवाई है। दरअसल पीजीआई में इलाज शुरू करने के पहले मरीजों का कोरोना टेस्ट कराया जाता है। अगर किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव होती है तो फिर इलाज संभव नहीं हो पाता। ऐसे में पीजीआई के अंदर इलाज कराने के लिए फर्जी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट का इस्तेमाल किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए जाने के बाद मरीजों को पीजीआई सेवा संस्थान बिल्डिंग में ठहरने की अनुमति दी जाती है। इसी दौरान पीजीआई में सक्रिय गिरोह पैसे लेकर उन्हें कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट मुहैया करा देता है। 


पीजीआई में हुए इस बड़े खुलासे के बाद अब अस्पताल प्रशासन की तरफ से एफआईआर दर्ज की गई है. इस पूरे मामले का खुलासा शुक्रवार को एक मरीज की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट में नेगेटिव लिखा हुआ था और डॉक्टरों को इस पर शक हुआ जब छानबीन शुरू हुई तो मामला सामने आ गया. लखनऊ के डीसीपी चारू निगम  ने बताया है कि यह बेहद गंभीर मसला है और पीजीआई की तरफ से अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. हम इस मामले में जल्द अपनी जांच पूरी करेंगे।

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