ब्रेकिंग
वसूलीबाज थानेदार गिरफ्तार, हाजत में बंदकर वसूलता था पैसा, SP ने पहुंचा दिया हवालातबेतिया GMCH में मां के बच्ची को गोद में लेकर पहुंचने की तस्वीर वायरल, अस्पताल ने स्ट्रेचर नहीं मिलने के आरोप का किया खंडन, महिला ने भी दी सफाईमधेपुरा में जमीन फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा! पूर्व DCLR, 2 CO समेत 7 के खिलाफ FIR, कोर्ट के आदेश के एक साल बाद हुई कार्रवाईपटना में कोलकाता की डांसर रोजी खातून की संदिग्ध मौत, दोस्त के फ्लैट में मिली लाशस्कूल में रसोईया की दबंगई से छात्र-छात्राएं और अभिभावक परेशान, शिक्षिका से मारपीट और बदसलूकी का आरोपवसूलीबाज थानेदार गिरफ्तार, हाजत में बंदकर वसूलता था पैसा, SP ने पहुंचा दिया हवालातबेतिया GMCH में मां के बच्ची को गोद में लेकर पहुंचने की तस्वीर वायरल, अस्पताल ने स्ट्रेचर नहीं मिलने के आरोप का किया खंडन, महिला ने भी दी सफाईमधेपुरा में जमीन फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा! पूर्व DCLR, 2 CO समेत 7 के खिलाफ FIR, कोर्ट के आदेश के एक साल बाद हुई कार्रवाईपटना में कोलकाता की डांसर रोजी खातून की संदिग्ध मौत, दोस्त के फ्लैट में मिली लाशस्कूल में रसोईया की दबंगई से छात्र-छात्राएं और अभिभावक परेशान, शिक्षिका से मारपीट और बदसलूकी का आरोप

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माधव सिंह सोलंकी का निधन, 4 बार रहे गुजरात के सीएम

DESK :इस वक्त की बड़ी खबर गुजरात से आ रही है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री माधव सिंह सोलंकी का निधन हो गया है. माधव सिंह सोलंकी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे और वह चार बार गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके थे.<

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता माधव सिंह सोलंकी का निधन, 4 बार रहे गुजरात के सीएम
Anamika
2 मिनट

DESK :इस वक्त की बड़ी खबर गुजरात से आ रही है, जहां पूर्व मुख्यमंत्री माधव सिंह सोलंकी का निधन हो गया है. माधव सिंह सोलंकी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे और वह चार बार गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके थे.

माधव सिंह सोलंकी का जन्म 30 जुलाई 1927 में एक कोली परिवार में हुआ था.  शनिवार को 94 साल की आयु में उनका निधन हो गया.सोलंकी कांग्रेस के बड़े नेता माने जाते थे. वह भारत के विदेश मंत्री भी रह चुके थे.  

गुजरात की राजनीति और जातिगत समीकरणों के साथ प्रयोग कर सत्ता में आने वाले माधव सिंह सोलंकी KHAM थ्योरी के जनक माने जाते हैं. KHAM यानी कि क्षत्रिय, हरिजन, आदिवासी और मुस्लिम. 1980 के दशक में उन्होंने इन्ही चार वर्गों को एक साथ जोड़ा और प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आए. माधव सिंह सोलंकी के इस समीकरण ने गुजरात की सत्ता से अगड़ी जातियों को कई साल के लिए बाहर कर दिया.