ब्रेकिंग
Bihar Navratri : महाकाली-महालक्ष्मी-महासरस्वती एक साथ विराजमान, बड़ी पटन देवी में नवरात्र की रातों का क्या है रहस्य?✦Bihar News: अनंत सिंह से भिड़े नीरज कुमार, अब गिनाने लगे बूथ के वोट; बोले- हमने तो JDU को जिताया!✦शारदीय नवरात्र आज से शुरू, गज पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा; 10 दिन होगी देवी की आराधना, जानें अष्टमी से दशमी तक का पूरा विधान✦Bihar News: बिहार के अफसर ध्यान दें! बैठक में गायब रहने से 7 दिन पहले देनी होगी सूचना, मुख्य सचिव की सख्त हिदायत✦Bihar News : बिहार में खुलेंगे 1520 नए स्कूल, 2021 करोड़ की मांग; स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर पढ़ाई भी होगी अनिवार्य✦Bihar Navratri : महाकाली-महालक्ष्मी-महासरस्वती एक साथ विराजमान, बड़ी पटन देवी में नवरात्र की रातों का क्या है रहस्य?✦Bihar News: अनंत सिंह से भिड़े नीरज कुमार, अब गिनाने लगे बूथ के वोट; बोले- हमने तो JDU को जिताया!✦शारदीय नवरात्र आज से शुरू, गज पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा; 10 दिन होगी देवी की आराधना, जानें अष्टमी से दशमी तक का पूरा विधान✦Bihar News: बिहार के अफसर ध्यान दें! बैठक में गायब रहने से 7 दिन पहले देनी होगी सूचना, मुख्य सचिव की सख्त हिदायत✦Bihar News : बिहार में खुलेंगे 1520 नए स्कूल, 2021 करोड़ की मांग; स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर पढ़ाई भी होगी अनिवार्य

कार्ड छपे, बैंड बाजे के साथ बारात भी निकली, फिर हुए 7 फेरे…जानिये क्यों करवाई गई मेंढक-मेंढकी की ऐसी शादी?

अच्छी बारिश की कामना के लिए ग्रामीणों ने मेंढक-मेंढकी की पारंपरिक शादी कराई। इस शादी के बाद ही मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक राज्य में बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है।

छत्तीसगढ न्यूज
मेंढक-मेंढकी की शादी के बाद एक्टिव हुआ मॉनसून
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

Mendhak Mendhaki Ki Shadi: सूखे से राहत के लिए ग्रामीणों ने मेंढक-मेंढकी की अनोखी शादी कराई। शादी पूरी तरह हिंदू रीति-रिवाज, बैंड-बाजे, बारात और सात फेरों के साथ संपन्न हुई। इसी बीच मौसम विभाग ने भी राहत भरी खबर देते हुए अगले चार दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।


छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड स्थित खूंशी गांव में लोक आस्था और परंपरा का अनोखा नजारा देखने को मिला। क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने और सूखे की आशंका के बीच ग्रामीणों ने अच्छी वर्षा की कामना के लिए मेंढक और मेंढकी का पारंपरिक विवाह कराया।


इस आयोजन को किसी सामान्य रस्म की तरह नहीं, बल्कि एक वास्तविक शादी की तरह आयोजित किया गया। ग्रामीणों ने पहले शादी के निमंत्रण पत्र छपवाए, फिर बैंड-बाजे और लोकगीतों के साथ बारात निकाली। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार मेंढक-मेंढकी के सात फेरे भी कराए गए।


इंद्रदेव को खुश करने की परंपरा

लोगों का मानना है कि जब भी इलाके में सूखे जैसे हालात बनते हैं, तब ग्रामीण इस परंपरा का पालन करते हैं। मान्यता है कि मेंढक-मेंढकी का विवाह कराने से वर्षा के देवता इंद्र प्रसन्न होते हैं और अच्छी बारिश होती है। विवाह के बाद विशेष पूजा-अर्चना की गई और पूरे गांव के लिए सामूहिक भंडारे का भी आयोजन किया गया।


प्रदेश में अब तक 17 फीसदी कम बारिश

मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन में 1 जून से 8 जुलाई तक 239.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य रूप से 286.7 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी। यानी अब तक राज्य में औसतन 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है।


चार दिनों तक बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया कि तीन दिनों की सुस्ती के बाद मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

टैग्स