ब्रेकिंग
Bihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तारबिहार के भ्रष्ट अफसरों का सिलीगुड़ी प्रेम, DSP-थानेदार के बाद अब रजिस्ट्रार...रिश्वत का पैसा बंगाल में खपा रहे, जिला अवर निबंधक के ठिकानों से क्या मिला....बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: बियाडा ने पटना एयरपोर्ट को दी जमीन, निवेश पैकेज का विस्तार, माता सीता के नाम पर अस्पताल, देखिये पूरी लिस्ट..Bihar News: सरकारी कर्मचारियों के अवकाश को लेकर नया सिस्टम, छुट्टी को लेकर इस तरह से करना होगा आवेदन..तभी मिलेगी अनुमतिनालंदा में घूसखोरी पर बड़ी कार्रवाई: महिला पर्यवेक्षिका 3200 रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तारBihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तारबिहार के भ्रष्ट अफसरों का सिलीगुड़ी प्रेम, DSP-थानेदार के बाद अब रजिस्ट्रार...रिश्वत का पैसा बंगाल में खपा रहे, जिला अवर निबंधक के ठिकानों से क्या मिला....बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: बियाडा ने पटना एयरपोर्ट को दी जमीन, निवेश पैकेज का विस्तार, माता सीता के नाम पर अस्पताल, देखिये पूरी लिस्ट..Bihar News: सरकारी कर्मचारियों के अवकाश को लेकर नया सिस्टम, छुट्टी को लेकर इस तरह से करना होगा आवेदन..तभी मिलेगी अनुमतिनालंदा में घूसखोरी पर बड़ी कार्रवाई: महिला पर्यवेक्षिका 3200 रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

CBSE Decision: अब साल में दो बार होगी CBSE 10वीं बोर्ड की परीक्षा, पहली बार फरवरी तो दूसरी बार इस महीने में होगा एग्जाम

CBSE Decision: CBSE बोर्ड ने 2026 से 10वीं कक्षा की परीक्षा साल में दो बार कराने का निर्णय लिया है। पहली परीक्षा फरवरी में अनिवार्य होगी, जबकि मई में वैकल्पिक परीक्षा में छात्र अपने अंकों में सुधार कर सकेंगे।

CBSE 10th Board Exam
प्रतिकात्मक
© google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

CBSE 10th Board Exam: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने वर्ष 2026 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं के पैटर्न में बड़ा बदलाव करने की घोषणा की है। अब छात्रों को साल में दो बार परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। इसका उद्देश्य छात्रों पर से मानसिक दबाव कम करना और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का दूसरा मौका देना है।


CBSE परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा 2026 से दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहली परीक्षी फरवरी महीने में जबकि दूसरी परीक्षा मई महीने में आयोजित किया जाएगा। पहली परीक्षा देना सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगा। दूसरी परीक्षा वैकल्पिक होगी। यदि छात्र चाहें तो वे दूसरे चरण में अपने अंकों में सुधार के लिए शामिल हो सकते हैं।


वर्ष में एक ही बार इंटरनल असेसमेंट किया जाएगा। दोनों परीक्षाओं के लिए पाठ्यक्रम समान रहेगा। दोनों चरणों के लिए परीक्षा केंद्र एक ही रहेगा। रजिस्ट्रेशन के समय ही दोनों परीक्षाओं की फीस जमा करनी होगी। अगर कोई छात्र दोनों परीक्षाओं में भाग लेता है, तो उसके बेहतर अंकों को ही अंतिम परिणाम में शामिल किया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि पहले चरण में ज्यादा अंक आए और दूसरे चरण में कम, तो पहले चरण के अंक को फाइनल माना जाएगा।


छात्रों को अधिकतम तीन विषयों में अपने प्रदर्शन को सुधारने की अनुमति होगी। यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में शामिल नहीं होता है, तो वह दूसरी परीक्षा में नहीं बैठ सकेगा। CBSE का यह निर्णय छात्रों को एक लचीला और कम दबाव वाला परीक्षा माहौल देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें