1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sun, 02 Nov 2025 12:13:15 PM IST
प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google
Air India: एयर इंडिया में शेड्यूलिंग और रोस्टरिंग की समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। विमानन नियामक DGCA ने इस मुद्दे पर पांच महीने पहले ही एयरलाइन को फटकार लगाई थी, लेकिन हालिया मामलों ने फिर से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ताजा घटनाक्रम में एयर इंडिया ने एक को-पायलट और एक सीनियर कैप्टन को फ्लाइंग ड्यूटी से हटा दिया है। जांच में सामने आया कि दोनों ने पिछले महीने अपनी योग्यता से जुड़ी अनिवार्य शर्तों का उल्लंघन करते हुए एक-एक फ्लाइट ऑपरेट की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, एक एयरबस A320 को-पायलट ने अपना बाय-एनुअल पायलट प्रोफिशिएंसी चेक (PPC) - इंस्ट्रूमेंट रेटिंग टेस्ट (IR) क्लियर नहीं किया था। यह कोई असामान्य स्थिति नहीं मानी जाती, लेकिन पायलट्स को दोबारा उड़ान भरने से पहले अनिवार्य सुधारात्मक ट्रेनिंग पूरी करनी होती है। हालांकि, इस को-पायलट ने ट्रेनिंग लिए बिना ही फ्लाइट ऑपरेट की।
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने इस पर कहा कि “फर्स्ट ऑफिसर का ट्रेनिंग चेक में असंतोषजनक प्रदर्शन के बाद फ्लाइट ऑपरेट करने का मामला पकड़ा गया। जैसे ही गलती नोटिस हुई, क्रू शेड्यूलर और पायलट दोनों को ऑफ-रोस्टर कर दिया गया। आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और DGCA को रिपोर्ट भेज दी गई है।”
दूसरे मामले में एक सीनियर कमांडर ने एक्सपायर्ड इंग्लिश लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी (ELP) लाइसेंस के बावजूद A320 फ्लाइट को पायलट-इन-कमांड के रूप में ऑपरेट किया। ELP लाइसेंस उड़ान भरने के लिए पायलट्स के लिए बेसिक अनिवार्यता है।
एयर इंडिया ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि सीनियर पायलट का एक्सपायर्ड ELP के साथ फ्लाइट ऑपरेट करने का केस सामने आया है। उन्हें ऑफ-रोस्टर कर दिया गया है और DGCA को रिपोर्ट कर दी गई है। जांच जारी है।
DGCA दोनों मामलों की जांच कर रहा है और एयरलाइन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। सीनियर पायलटों का कहना है कि ये घटनाएं एयर इंडिया की ओवरसाइट और रोस्टरिंग सिस्टम पर गंभीर सवाल उठाती हैं। उनका कहना है कि एयरलाइन को सुनिश्चित करना चाहिए कि केवल योग्य और वैध लाइसेंस वाले पायलट ही रोस्टर पर शामिल हों।