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Mokama Assembly : अनंत सिंह के लिए मोकामा में CM नीतीश कुमार करेंगे चुनाव प्रचार ! इलाके में तेज हुई चर्चा;कितना बदल सकता है समीकरण

मोकामा विधानसभा में बढ़ते राजनीतिक तापमान के बीच खबर है कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार जेडीयू प्रत्याशी के समर्थन में चुनावी जनसभा कर सकते हैं। हालिया हत्याकांड के बाद प्रशासन ने माहौल काबू में किया।

 Mokama Assembly : अनंत सिंह के लिए मोकामा में CM नीतीश कुमार करेंगे चुनाव प्रचार ! इलाके में तेज हुई चर्चा;कितना बदल सकता है समीकरण
Tejpratap
Tejpratap
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Mokama Assembly : बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मोकामा विधानसभा सीट इन दिनों सूबे की सबसे चर्चित सीटों में से एक बनी हुई है। हाल ही में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था, जिसे पुलिस प्रशासन ने अपनी मुस्तैदी और तत्परता से काफी हद तक नियंत्रण में ले लिया है। इस बीच यहां की राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है क्योंकि सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद मोकामा पहुंचकर जेडीयू प्रत्याशी के समर्थन में चुनाव प्रचार करने की तैयारी में हैं।


मोकामा विधानसभा की चर्चा केवल स्थानीय सीमाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह मामला राज्य स्तर की राजनीति तक गूंज रहा है। इस सीट से मजबूत प्रभाव रखने वाले बाहुबली नेता अनंत सिंह के पक्ष-विपक्ष में भी राजनीतिक बयानबाज़ी का दौर जारी है। इसी कड़ी में यह ख़बर सामने आई है कि सीएम नीतीश कुमार ने स्वयं अनंत सिंह के नाम पर चुनाव प्रचार करने की इच्छा जताई है। 


अनंत सिंह से नजदीकी सूत्रों ने बताया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अनंत सिंह को लेकर समर्थन जुटाने और वोटों की अपील के लिए मोकामा में जनसभा करने का मन बना लिया है। इस सिलसिले में जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं को मोकामा भेजा गया है, ताकि सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा सके और जनसभा के आयोजन को लेकर स्थानीय स्तर पर समीकरण बैठाए जा सकें। पचमहला मैदान में संभावित जनसभा की तैयारियों को लेकर भी हलचल तेज हो गई है।


सूत्र बताते हैं कि पुलिस द्वारा हालात नियंत्रित करने के बाद अब इलाके में चुनावी हलचल बढ़ने लगी है। प्रशासन की पैनी नजर पूरे क्षेत्र पर बनी हुई है ताकि किसी प्रकार की अवांछित घटना या अशांति न फैल सके। दूसरी ओर जनता में भी यह चर्चा जोरों पर है कि सीएम नीतीश कुमार मोकामा में चुनावी सभा करेंगे या नहीं। अगर सब कुछ सहमति से होता है तो अगले 24 से 48 घंटों में जनता को इसका आधिकारिक ऐलान भी हो सकता है।


यह भी चर्चा है कि नीतीश कुमार का मोकामा दौरा जेडीयू के रणनीतिक प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें वे अपने पारंपरिक जनाधार को मज़बूत करने के साथ-साथ विपक्ष द्वारा प्रचारित नैरेटिव को भी चुनौती दे सकते हैं। मोकामा सीट इस बार एक बार फिर चुनौतीपूर्ण और समीकरणों से भरी मानी जा रही है। जेडीयू प्रत्याशी को इस सीट पर पिछली बार की तरह मजबूत मुकाबला मिल सकता है। इसलिए पार्टी हाईकमान इस सीट को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।


जहाँ एक ओर जेडीयू के नेता चुनावी रैली को लेकर तैयारियों में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्ष भी इस इलाके में अपनी मौजूदगी दिखाने के लिए सक्रिय है। दुलारचंद यादव की हत्या के बाद से ही शासन और प्रशासन पर कई सवाल उठाए गए थे, जिसका सीधा प्रभाव राजनीति पर भी पड़ा। ऐसे में नीतीश कुमार का यह दौरा न केवल चुनाव प्रचार के लिहाज से अहम होगा, बल्कि कानून व्यवस्था पर भरोसा बहाल करने का भी एक प्रयास माना जाएगा।


मोकामा में सीएम की उपस्थिति से स्थानीय कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा, और यह देखना दिलचस्प होगा कि इस दौरे का चुनावी नतीजों पर कैसा असर पड़ता है। फिलहाल यह बात साफ है कि मोकामा में राजनीतिक तापमान उफान पर है और आगामी दिनों में यह और भी बढ़ सकता है।