PATNA: बिहार विधान परिषद के पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में बड़ा उलटफेर हुआ है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार सिंह ने बीजेपी प्रत्याशी और पांच बार के एमएलसी प्रो. नवल किशोर यादव को हराकर सीट पर कब्जा कर लिया है। डॉ. संजीव कुमार सिंह ने 1,058 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। बीजेपी की इस सीट पर आरजेडी की जीत के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
बीजेपी प्रत्याशी प्रो. नवल किशोर यादव की हार पर बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पटना शिक्षक एमएलसी चुनाव में नवल किशोर यादव जीत हासिल नहीं कर सके। हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नतीजे उम्मीद के मुताबिक क्यों नहीं रहे।
हार के कारणों की होगी समीक्षा
मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि बिहार विधान परिषद के पटना शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में एनडीए के दो उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इनमें पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी प्रत्याशी प्रो. नवल किशोर यादव को हार का सामना करना पड़ा, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार ने जीत दर्ज की।
रामकृपाल यादव ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल करने वाले नीरज कुमार को बधाई और शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि एमएलसी चुनाव के नतीजों की समीक्षा की जाएगी और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में हार के कारणों को समझने की कोशिश होगी।
संजीव कुमार सिंह को मिले 4,487 वोट
पटना शिक्षक एमएलसी चुनाव में आरजेडी उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार सिंह को कुल 4,487 वोट मिले। वहीं, बीजेपी प्रत्याशी प्रो. नवल किशोर यादव को 3,430 वोट प्राप्त हुए। इस तरह डॉ. संजीव कुमार सिंह ने 1,058 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। जन सुराज पार्टी की उम्मीदवार दिव्या ज्योति 1,571 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
पांच बार एमएलसी रह चुके प्रो. नवल किशोर यादव की हार को बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि समीक्षा में हार की क्या वजहें सामने आती हैं और पार्टी आगे क्या रणनीति अपनाती है।






