MP-MLA Court : राहुल गांधी के विवादित बयान पर आज एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला, राजनीतिक हलचल तेज

चंदौसी की एमपी-एमएलए कोर्ट आज राहुल गांधी के विवादित बयान “हमारी लड़ाई भाजपा या आरएसएस से नहीं, बल्कि इंडियन स्टेट से है” पर अपना फैसला सुनाएगी, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 07 Nov 2025 10:23:29 AM IST

MP-MLA Court : राहुल गांधी के विवादित बयान पर आज एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला, राजनीतिक हलचल तेज

- फ़ोटो

MP-MLA Court : कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विवादित बयान “हमारी लड़ाई भाजपा या आरएसएस से नहीं, बल्कि इंडियन स्टेट से है” को लेकर दर्ज मामले में आज यानी 7 नवंबर को एमपी-एमएलए कोर्ट अपना फैसला सुनाने जा रही है। अदालत का यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे तय होगा कि मामला आगे बढ़ेगा या याचिका खारिज होगी।


पूरा मामला हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। 23 जनवरी 2025 को दाखिल इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी के 15 जनवरी 2025 को दिए गए बयान से समाज में वैमनस्य फैलने की संभावना है और यह जनता की भावनाओं को आहत करता है। याचिकाकर्ता का कहना है कि “इंडियन स्टेट” शब्द का प्रयोग देश के लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाता है। इससे देश में अस्थिरता और भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।


मामले की सुनवाई एडीजे आरती फौजदार की अदालत में हुई, जो चंदौसी स्थित जिला न्यायालय परिसर में स्थित है। राहुल गांधी की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद सगीर सैफी ने पक्ष रखा, जबकि याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सचिन गोयल ने दलीलें पेश कीं। राहुल गांधी पक्ष का कहना था कि यह पुनरीक्षण याचिका सुनवाई योग्य नहीं है और इसे खारिज किया जाना चाहिए। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि राहुल गांधी का बयान राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में दिया गया था और उसका उद्देश्य किसी संस्था या समुदाय को आहत करना नहीं था।


वहीं, याचिकाकर्ता पक्ष ने कहा कि राहुल गांधी का बयान बेहद गंभीर है और इससे आम जनता में गलत संदेश गया है। उन्होंने कहा कि देश के संवैधानिक ढांचे पर सवाल उठाने वाला कोई भी बयान लोकतंत्र के लिए खतरा बन सकता है, इसलिए इस पर न्यायिक कार्रवाई आवश्यक है।


अदालत ने दोनों पक्षों की बहस 28 अक्टूबर को पूरी कर ली थी और आदेश सुरक्षित रख लिया था। इसके बाद अदालत ने आज, 7 नवंबर, को फैसला सुनाने की तारीख तय की थी। इस फैसले को लेकर न सिर्फ कानूनी बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल है। कांग्रेस समर्थक उम्मीद कर रहे हैं कि अदालत राहुल गांधी के पक्ष में फैसला देगी, जबकि विपक्षी दल इस बयान को देश की संस्थाओं पर हमला बताते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।


अब सभी की निगाहें अदालत पर टिकी हैं कि वह इस मामले को आगे सुनवाई योग्य मानती है या नहीं। अगर कोर्ट ने मामला आगे बढ़ाने का आदेश दिया, तो राहुल गांधी को कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ सकता है। वहीं अगर याचिका खारिज होती है, तो कांग्रेस इसे अपनी नैतिक जीत के रूप में पेश करेगी। कुल मिलाकर, आज का दिन राहुल गांधी और कांग्रेस दोनों के लिए राजनीतिक दृष्टि से अहम साबित हो सकता है। अदालत के फैसले के बाद देशभर में इस पर तीखी प्रतिक्रियाएँ आने की संभावना है।