1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 07, 2026, 9:13:15 AM
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Bihar politics : बिहार की राजनीति में जल्द ही एक बड़ा सियासी मोड़ देखने को मिल सकता है। लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच अब यह लगभग तय हो गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में कदम रखने जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक 8 मार्च को वे औपचारिक तौर पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इसके साथ ही पार्टी के अंदर उनकी भूमिका को लेकर नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में वे पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री को लेकर पार्टी के भीतर सहमति बन चुकी है। जदयू के सभी विधायकों, विधान पार्षदों और वरिष्ठ नेताओं को इस फैसले की जानकारी दे दी गई है। पार्टी के अंदर इसे नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। खासतौर पर ऐसे समय में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा तेज है, तब पार्टी के भविष्य के नेतृत्व को लेकर यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसी कड़ी में शुक्रवार को जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में निशांत कुमार भी शामिल हुए और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की। बैठक में जदयू के कई सीनियर नेता मौजूद थे, जिनमें मंत्री श्रवण कुमार, संजय झा सहित अन्य अनुभवी चेहरे शामिल रहे। इसके अलावा पार्टी के कई युवा और नए विधायक भी इस बैठक में नजर आए। युवा नेताओं में कोमल सिंह और चेतन आनंद जैसे नाम भी शामिल थे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बैठक से साफ संकेत मिल रहा है कि निशांत कुमार अब सक्रिय राजनीति में उतर चुके हैं और पार्टी की रणनीति तय करने में भूमिका निभाने लगे हैं। हालांकि वे औपचारिक रूप से 8 मार्च को जदयू की सदस्यता ग्रहण करेंगे, लेकिन उससे पहले ही उन्होंने पार्टी विधायकों और नेताओं के साथ संवाद शुरू कर दिया है।
बताया जा रहा है कि एक दिन पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जदयू विधानमंडल दल की बैठक बुलाई थी। इस बैठक के दौरान जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने निशांत कुमार के नाम का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव सामने आने के बाद पार्टी के सभी विधायकों, विधान पार्षदों और सांसदों ने इसका समर्थन किया। बैठक में मौजूद नेताओं ने तालियां बजाकर इस प्रस्ताव का स्वागत किया और इसे संगठन के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि निशांत कुमार केवल औपचारिक राजनीति तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अपने पिता की तरह बिहार के गांव-गांव जाकर कार्यकर्ताओं और आम लोगों से संपर्क करेंगे। पार्टी के नेताओं का मानना है कि युवा नेतृत्व के तौर पर वे संगठन को नई दिशा दे सकते हैं और जदयू को मजबूत बनाने में भूमिका निभा सकते हैं।
जदयू के अंदर यह भी चर्चा है कि निशांत कुमार आने वाले समय में पार्टी की रणनीति तय करने, संगठन को मजबूत करने और युवाओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान देंगे। उनकी राजनीतिक एंट्री को जदयू के लिए एक नई शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। अब सबकी नजर 8 मार्च पर टिकी है, जब निशांत कुमार औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता लेकर बिहार की राजनीति में अपना पहला कदम रखेंगे।