1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 07, 2026, 7:20:39 AM
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New Delhi - : संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत के साथ ही लोकसभा में सियासी हलचल तेज होने वाली है। कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर 9 मार्च को चर्चा होने की संभावना है। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी कर दिया है।
संसदीय प्रक्रिया और 50 सदस्यों की अनिवार्यता
लोकसभा सचिवालय ने सोमवार, 9 मार्च के कामकाज की सूची में ओम बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने संबंधी प्रस्ताव को सूचीबद्ध कर लिया है। संसदीय नियमों के अनुसार, इस प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के लिए चेयर के बुलाने पर कम से कम 50 सदस्यों का सदन में खड़ा होना अनिवार्य है। यदि 50 सदस्य नोटिस के समर्थन में खड़े नहीं होते हैं, तो प्रस्ताव पेश नहीं किया जा सकेगा। यदि नोटिस स्वीकार हो जाता है, तो इसके बाद प्रस्ताव पर औपचारिक चर्चा और वोटिंग की प्रक्रिया शुरू होगी।
विपक्ष के गंभीर आरोप और कांग्रेस का रुख
यह प्रस्ताव कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि द्वारा पेश किया जाएगा। प्रस्तावित प्रस्ताव में स्पीकर पर पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने और विपक्ष के नेता सहित अन्य विपक्षी सांसदों को बोलने का मौका न देने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, प्रस्ताव में महिला सांसदों पर 'बेवजह आरोप' लगाने और विपक्षी सांसदों को सस्पेंड करने के फैसलों पर भी सवाल उठाए गए हैं। विपक्ष का तर्क है कि बिरला ने सदन की निष्पक्षता बनाए रखना बंद कर दिया है, जिससे सदस्यों के अधिकारों का हनन हो रहा है।
संवैधानिक प्रावधान और बहुमत का गणित
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने का प्रावधान है। इसके लिए सदन में साधारण बहुमत से प्रस्ताव पारित होना आवश्यक है। वहीं, अनुच्छेद 96 के अंतर्गत लोकसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही के दौरान अपना बचाव करने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है। सत्ताधारी दल पर यह आरोप लगाया गया है कि स्पीकर विवादित मामलों में खुले तौर पर सरकार का पक्ष लेते हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।
दोनों पक्षों ने जारी किया तीन लाइन का व्हिप
इस महत्वपूर्ण विधायी कार्य और संभावित वोटिंग को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों ने कमर कस ली है। कांग्रेस ने अपने सांसदों को 9 से 11 मार्च तक अनिवार्य रूप से सदन में उपस्थित रहने के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी अपने सभी लोकसभा सांसदों को 9 और 10 मार्च को सदन की कार्यवाही में शामिल होने और महत्वपूर्ण विधायी कार्यों में भाग लेने के लिए व्हिप जारी कर निर्देश दिया है।