ब्रेकिंग न्यूज़

Book Reading Habits: किताबों से दोस्ती कर , सोचने-समझने की शक्ति को जगाएं! Bihar Politics: 'इ जतिए ढीठ है' आखिर यादवों पर क्यों गरम हैं JDU विधायक गोपाल मंडल? Bihar Politics: 'इ जतिए ढीठ है' आखिर यादवों पर क्यों गरम हैं JDU विधायक गोपाल मंडल? Babil Khan: रोते-बिलखते इरफ़ान के लाडले का वीडियो वायरल, कहा "बॉलीवुड से फेक इंडस्ट्री कहीं नहीं देखी" Vehicle Re-Registration Bihar: बिहार की सड़कों पर फिर दौड़ेंगी 15 साल पुरानी गाड़ियां, यहां देखें पूरी प्रक्रिया.. No helmet for fashion: बाल और मेकअप न बिगड़े, इसलिए महिलाएं नहीं पहन रहीं हेलमेट! पुलिस ने पकड़ा तो क्या बोलीं लड़कियां ? Bihar News: राज्य में खुलेंगे 3 नए गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, सैकड़ों लोगों को मिलेगा रोजगार Jaykrishna Patel Mla: विधायक जी नोटों की गड्डी के साथ धराए...20 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ ACB ने पकड़ा! Bihar Crime News: प्रेम प्रसंग में युवती की हत्या, चेहरा जलाकर शव को नदी में फेंका Bihar weather update: बिहार में मौसम का बदला मिजाज... 8 जिलों में तूफान-बारिश का कहर, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

कांग्रेस को रिझाने के लिए पप्पू यादव का नया पैंतरा: जिस पार्टी का पहले ही बोरिया-बिस्तर बांध दिया था, अब उसका करेंगे विलय

पप्पू यादव ने कांग्रेस का ध्यान खींचने के लिए एक बार फिर नया दांव खेला है। जिस जन अधिकार पार्टी को उन्होंने एक साल पहले बंद कर दिया था, अब उसी का कांग्रेस में विलय करने जा रहे हैं। क्या यह राहुल गांधी की नज़रों में आने की आख़िरी कोशिश है?

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 05 May 2025 08:28:14 AM IST

Pappu Yadav, Congress, JAP merger, Bihar politics, Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi, independent MP, Jan Adhikar Party, political strategy, Lok Sabha 2024, Congress alliance, Bihar elections, Gandhi Maid

- फ़ोटो google

Bihar Politics: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कांग्रेस को रिझाने के लिए एक बार फिर नया दांव चला है। जिस पार्टी का क़रीब एक साल पहले बोरिया-बिस्तर समेट दिया था, अब उसी पार्टी का कांग्रेस में विलय करने का ऐलान किया है। मज़ेदार बात यह है कि पप्पू यादव ने खुद इस पार्टी से चुनाव नहीं लड़ा था, लेकिन अब दावा कर रहे हैं कि उनकी पुरानी पार्टी ज़िंदा है और उसका विलय कांग्रेस में करेंगे।

राहुल गांधी की नज़रों में आने की आख़िरी कोशिश?

दरअसल, पप्पू यादव ने क़रीब 11 महीने पहले निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पूर्णिया से लोकसभा चुनाव जीता था। उसके बाद से ही वे कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी को रिझाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पप्पू यादव ने पिछले एक साल में राहुल गांधी से मिलने के लिए दर्जनों बार समय माँगा, लेकिन उन्हें टाइम नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने कई और पैंतरे अपनाए। राहुल गांधी के पटना दौरे के समय उन्होंने उसी होटल में कमरा बुक करा लिया जहाँ राहुल रुकने वाले थे — वो भी उनके कमरे के बगल वाला। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने पप्पू यादव से वह कमरा खाली करवा दिया।

जब राहुल गांधी "संविधान बचाओ" रैली को संबोधित करने पटना आए थे, तब पप्पू यादव ने कार्यक्रम आयोजकों से पास माँगा, लेकिन उन्हें पास नहीं मिला। आख़िरी वक़्त तक पप्पू जी-जान लगाते रहे, लेकिन कोई भाव नहीं मिला। फिर उन्होंने सड़क पर राहुल गांधी का ज़ोरदार स्वागत करने का ऐलान किया — वह भी नाकाम रहा। पिछले छह महीनों में राहुल गांधी दो बार कांग्रेस के बिहार प्रदेश कार्यालय गए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद पप्पू वहाँ एंट्री नहीं पा सके।

मरी हुई पार्टी का विलय

अब कांग्रेस को रिझाने के लिए पप्पू यादव ने आख़िरी दांव चला है। उन्होंने अपनी पुरानी पार्टी — जन अधिकार पार्टी (जाप) — का कांग्रेस में विलय करने का ऐलान किया है।बता दें कि एक साल पहले जब पप्पू यादव कांग्रेस में शामिल हुए थे, तब ही उन्होंने अपनी पार्टी जाप का कांग्रेस में विलय करने की घोषणा की थी। कांग्रेस में शामिल होने के बाद लोकसभा चुनाव हुए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद पप्पू कांग्रेस का टिकट हासिल नहीं कर पाए। इसके बाद वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े — यानी वे भी मान रहे थे कि जाप अब समाप्त हो चुकी है।

रविवार को पप्पू यादव ने घोषणा की कि जन अधिकार पार्टी का कांग्रेस में विलय होगा। उन्होंने पटना में कथित जाप पदाधिकारियों के साथ बैठक की और प्रेस वार्ता कर बताया कि विलय का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से समय माँगा गया है।समय मिलने पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में पटना के गांधी मैदान में एक बड़ी रैली कर विलय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।मज़ेदार बात यह है कि राहुल गांधी ने उन्हें एक साल से मिलने का समय तक नहीं दिया है, फिर भी पप्पू यादव उन्हें विलय कार्यक्रम में बुलाने का दावा कर रहे हैं।पप्पू यादव कांग्रेस को बिना माँगे सलाह भी दे रहे हैं। उनका कहना है कि बिहार में महागठबंधन में कांग्रेस सबसे बड़ा घटक दल है, और कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में कम से कम 100 सीटों पर लड़ना चाहिए। ख़ास बात यह है कि महागठबंधन की बैठकों में कभी पप्पू यादव की चर्चा तक नहीं होती।