1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 03 Nov 2025 08:39:53 AM IST
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Anant Singh Arrested : मोकामा के बाहुबली पूर्व विधायक और जेडीयू कैंडिडेट अनंत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें दुलारचंद हत्या कांड मामले में गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद कल दोपहर CJM कोर्ट में पेश किया गया और उसके बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में ले लिया गया है। इसके बाद उन्हें पटना के बेउर जेल भेज दिया गया है। इनके साथ उनके दो सेवादार भी हैं।
जानकारी के अनुसार, चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में गिरफ्तारी के बाद मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह सहित तीनों को बेउर जेल के विशेष सुरक्षा वार्ड में रखा गया है। जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा ने बताया कि स्थिति को देखते हुए उन्हें सोमवार को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया जा सकता है। जेल मेनुअल के मुताबिक बेउर जेल में शाम को सब्जी-रोटी बनी थी। जेल सूत्रों ने बताया कि तीनों को विशेष सुरक्षा वार्ड स्थित सेल में जेल में बनी सब्जी-रोटी खाने के लिए दी गई। सभी ने खाना खाया।
मालूम हो कि तीन महीने पहले ही अनंत सिंह बेउर जेल से बाहर निकले थे। चुनाव के बाद मामले की जांच के लिए पुलिस अनंत सिंह को रिमांड पर ले सकती है। मोकामा विधानसभा के तारतर गांव में 30 अक्टूबर को चुनाव प्रचार के दौरान जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह और जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के प्रचार काफिले में मौजूद लोगों के बीच झड़प हो गई थी। इसी दौरान गोली लगने और कार से कुचले जाने से जनसुराज के समर्थक, तारतर गांव निवासी 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने दोनों प्रत्याशियों सहित कुल चार एफआईआर दर्ज की हैं।
इधर, डीजीपी विनय कुमार ने रविवार को कहा कि मोकामा की घटना राइटिंग मॉब (दंगाई भीड़) थी। नेतृत्वकर्ता से लेकर शामिल हर व्यक्ति पर दंगा की सामूहिक जिम्मेदारी होती है। पूर्व विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी इसी आधार पर की गई है। इसी आधार पर जनसुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी भी गिरफ्तार होंगे। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद अनंत सिंह से पूछताछ की गई है। आवश्यकता पड़ने पर रिमांड पर लेकर फिर पूछताछ होगी।
डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि शांतिपूर्ण चुनाव प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने आह्वान किया कि कोई भी व्यक्ति, खासकर युवा, उपद्रवी गतिविधियों में शामिल न हों। अगर घटनास्थल पर मौजूद किसी व्यक्ति के पास कोई साक्ष्य या फुटेज हो तो सीआईडी को सौंप दें। अगर किसी के पास कोई वीडियो फुटेज या जानकारी हो, तो उसे भी सीआईडी को सौंप दें।