1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 21, 2025, 12:34:06 PM
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Nitish Kumar Cabinet : बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन के बाद अब सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल मंत्रियों के विभाग बंटवारे को लेकर बना हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किस मंत्री को कौन-सा मंत्रालय देंगे—इस पर सस्पेंस बना हुआ है। इसी मुद्दे पर सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू के शीर्ष नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी। यह बैठक अब समाप्त हो चुकी है, लेकिन इससे निकलने वाले बड़े नेता किसी भी तरह की जानकारी साझा करने से बचते नज़र आए।
बैठक खत्म होने के बाद केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, जेडीयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री विजय चौधरी, तथा कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा बाहर तो निकले, मगर तीनों नेताओं ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। पूछे गए हर सवाल पर उन्होंने चुप्पी साध ली, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा और तेज हो गई है। माना जा रहा है कि चुप्पी के पीछे विभाग बंटवारे को लेकर चल रही संवेदनशील बातचीत और अंतिम चरण की तैयारियां जिम्मेदार हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ जेडीयू की ओर से उन सभी मंत्रियों के विभागों पर गहन चर्चा की गई, जिन्हें नई सरकार में शामिल किया गया है। पार्टी के भीतर यह सुनिश्चित करने पर सहमति बनी है कि विभागों का वितरण अनुभव, जातीय संतुलन, राजनीतिक समीकरण और शासन प्रबंधन की जरूरतों के अनुरूप किया जाए। इस बैठक में यह भी तय किया गया कि कौन से विभाग जेडीयू अपने पास रखेगी और किन विभागों को सहयोगी दलों के साथ साझा किया जाएगा।
महत्वपूर्ण बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से जिन विभागों की मांग की गई है, उस पर भी इस बैठक में विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। सूत्र बताते हैं कि बीजेपी इस बार वित्त, गृह, ऊर्जा और सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों पर दावा ठोक रही है। हालांकि जेडीयू इन प्रमुख मंत्रालयों में से कुछ को अपने पास रखने के पक्ष में है। इसी संतुलन को साधने में कई दौर की चर्चा चली और बैठक देर तक चली।
सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार चाहते हैं कि विभाग ऐसे बाँटे जाएँ जिससे सरकार स्थिर रहे और प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा न आए। उनके सामने चुनौती है कि गठबंधन की अपेक्षाओं को पूरा करते हुए भी अपनी पार्टी और सरकार की कार्यकुशलता को मजबूत कैसे रखा जाए। यही वजह है कि हर विभाग पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जेडीयू ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा, ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण, जल संसाधन और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग उनके लिए प्राथमिकता वाली श्रेणी में हैं।
बैठक से जुड़े सूत्रों ने बताया कि विभागों के अंतिम फैसले को लेकर मुख्यमंत्री ने सभी बड़े नेताओं से राय ली है और अब फाइल अंतिम चरण में है। इस बीच, जेडीयू और बीजेपी दोनों ही दल के नेता अपने-अपने स्तर पर विभागों के बंटवारे को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हैं। कई नेताओं को उम्मीद है कि उन्हें इस बार बड़ा मंत्रालय मिलेगा, जबकि कुछ ऐसे भी मंत्री हैं जो अपने पुराने विभाग को बनाए रखने के लिए प्रयासरत हैं।
सबसे बड़ी जानकारी यह है कि विभागों का बंटवारा आज दोपहर के बाद किसी भी समय जारी किया जा सकता है। अगर सबकुछ तय कार्यक्रम के अनुसार चला, तो मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा आधिकारिक सूची जारी होने में अधिक समय नहीं लगेगा। इसके बाद सरकार औपचारिक रूप से विभागीय कार्यभार के साथ पूरी तरह सक्रिय हो जाएगी।
हालांकि इस समय सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि जेडीयू और बीजेपी के बीच मंत्रालयों को लेकर किस तरह का तालमेल बैठता है। गठबंधन की स्थिरता के लिए यह विभागीय बंटवारा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार संतुलन साधने में सफल रहेंगे, लेकिन कुछ मंत्रालयों को लेकर देर रात तक बातचीत चलने की भी संभावना बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री आवास पर हुई यह बैठक करीब सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनाकर खत्म हुई है, और अब सिर्फ औपचारिक घोषणा का इंतजार है। विभागों का अंतिम वितरण यह तय करेगा कि आने वाले दिनों में सरकार किस गति और दिशा में आगे बढ़ेगी। आज दोपहर का समय बिहार की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक माना जा रहा है।
प्रेम राज की रिपोर्ट