1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 07 Nov 2025 12:24:54 PM IST
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भोजपुर जिले के चांदी थाना क्षेत्र अंतर्गत फरहंगपुर गांव में बुधवार की देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गांव के निवासी राजेश गुप्ता ने अपनी पत्नी सोनी देवी की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी। पत्नी की हत्या के बाद राजेश ने खुद भी फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस दोहरी मौत की घटना से पूरे गांव और आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई है।
घटना की सूचना मिलते ही चांदी थानाध्यक्ष राकेश रौशन पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। बाद में एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और मौके से साक्ष्य इकट्ठा किए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घटना का विवरण
जानकारी के अनुसार, मृतक राजेश गुप्ता, उम्र लगभग 34 वर्ष, फरहंगपुर गांव के जितेंद्र साह का पुत्र था। उसकी पत्नी सोनी देवी की उम्र लगभग 29 वर्ष बताई जा रही है। बताया जाता है कि दोनों की शादी करीब आठ वर्ष पूर्व हुई थी और उनके दो छोटे बच्चे भी हैं। घटना के समय बच्चे घर के दूसरे कमरे में सोए हुए थे।
गुरुवार की सुबह जब पड़ोसियों ने घर का दरवाजा काफी देर तक बंद देखा, तो उन्हें शक हुआ। लोगों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने किसी तरह खिड़की से झांका तो देखा कि राजेश गुप्ता का शव पंखे से लटका हुआ है और बगल में उसकी पत्नी खून से लथपथ पड़ी हुई है। यह नजारा देखकर गांव वालों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना चांदी थाना पुलिस को दी।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष राकेश रौशन दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घर को घेराबंदी कर जांच शुरू की। एफएसएल टीम ने मौके से खून से सने कपड़े, हथियार और अन्य साक्ष्य जब्त किए। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या के बाद आत्महत्या का प्रतीत होता है। हालांकि, घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ की जा रही है। गांव वालों से भी जानकारी ली जा रही है कि पति-पत्नी के बीच हाल के दिनों में कोई विवाद था या नहीं। मृतक के परिजनों का कहना है कि राजेश गुप्ता का स्वभाव कुछ दिनों से चिड़चिड़ा हो गया था और वह अक्सर मानसिक तनाव में रहता था। हालांकि, किस कारण से उसने इतना बड़ा कदम उठाया, यह स्पष्ट नहीं हो सका है।
गांव में मातम और सन्नाटा
घटना के बाद पूरे फरहंगपुर गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। गांव के लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि देखने में शांत स्वभाव का राजेश इस तरह की वारदात को अंजाम देगा, किसी ने कभी सोचा भी नहीं था। मृतक दंपत्ति के दो छोटे बच्चे अब अनाथ हो गए हैं। बच्चों को संभालने के लिए परिजनों और गांव के लोग आगे आए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, राजेश गुप्ता एक मेहनती व्यक्ति था और अपने परिवार की देखभाल में कोई कमी नहीं रखता था। हालांकि, पिछले कुछ समय से वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। वहीं, कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर घरेलू विवाद होते रहते थे। पुलिस इन सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा कि मामले में पारिवारिक कलह, आर्थिक दबाव या मानसिक असंतुलन जैसे सभी संभावित कारणों पर विचार किया जा रहा है।
फरहंगपुर की यह घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि घरेलू कलह और मानसिक तनाव कैसे भयानक रूप ले सकता है। एक छोटी सी गलती ने न केवल दो जिंदगियां खत्म कर दीं, बल्कि दो मासूम बच्चों के सिर से माता-पिता का साया भी छीन लिया। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी हुई है, लेकिन गांव में फैले सन्नाटे और मातम से साफ झलकता है कि यह घटना आने वाले दिनों तक लोगों की जुबान पर बनी रहेगी।