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Bihar NDA Manifesto : बिहार चुनाव 2025: एनडीए का घोषणापत्र जारी, सस्ता भोजन, रोजगार और विकास पर जोर; पढ़िए क्या है अहम बातें

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एनडीए आज पटना में अपना घोषणापत्र जारी करेगा। इसमें सीता रसोई योजना, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की जा सकती हैं।

Bihar NDA Manifesto : बिहार चुनाव 2025: एनडीए का घोषणापत्र जारी, सस्ता भोजन, रोजगार और विकास पर जोर; पढ़िए क्या है अहम बातें
Tejpratap
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Bihar NDA Manifesto : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए (NDA) आज शुक्रवार को अपना घोषणापत्र जारी किया है। पटना के प्रतिष्ठित होटल मौर्या में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री समेत गठबंधन के सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस घोषणापत्र को एनडीए की आगामी सरकार की दिशा और प्राथमिकताओं का रोडमैप माना जा रहा है।


एनडीए के घोषणापत्र में गरीबों, युवाओं और किसानों को ध्यान में रखते हुए कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं। इनमें सबसे चर्चित योजना “सीता रसोई” है, जिसके तहत लोगों को मात्र 10 रुपए में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की योजना है। यह रसोई हर शहर और ब्लॉक स्तर पर शुरू की जाएगी ताकि कोई भूखा न रहे।शिक्षा क्षेत्र में भी एनडीए सरकार बड़े कदमों का वादा किया है। 


घोषणापत्र में हर अनुमंडल में कला, वाणिज्य और कानून संकाय के कॉलेज खोलने की बात कही गई है। इन कॉलेजों में छात्रों को फ्री छात्रावास की सुविधा दी जाएगी ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी आसानी से उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। साथ ही, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को लेकर भी नई योजनाओं की घोषणा संभव है।स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एनडीए हर जिले में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने का वादा कर सकती है। मरीजों को मुफ्त या कम कीमत पर जेनरिक दवाएं उपलब्ध कराने की योजना भी इस घोषणापत्र का हिस्सा है। 


हर विधानसभा क्षेत्र में वेटनरी एंबुलेंस की सुविधा दी जाएगी ताकि पशुओं के इलाज में आसानी हो।रोजगार सृजन पर घोषणापत्र का विशेष फोकस रहने वाला है। एनडीए 5 वर्षों में 1 करोड़ रोजगार देने का लक्ष्य तय कर सकती है। इसके तहत आईटी पार्क, इकोनॉमिक जोन और औद्योगिक कॉरिडोर के विकास पर जोर दिया जाएगा। उड़ीसा, कर्नाटक और गुजरात की तर्ज पर बिहार में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने की योजना है। साथ ही, डिफेंस इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के निर्माण से राज्य में नई औद्योगिक संभावनाएं पैदा होंगी।छोटे और मध्यम उद्यमियों को भी घोषणापत्र में विशेष जगह दी गई है। 


सरकार ऐसे उद्यमियों की पहचान कर उन्हें आसान ऋण मुहैया कराएगी। पैकेजिंग और डिजाइन यूनिट स्थापित की जाएगी, जिससे स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जा सके। उद्योगों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि निवेशकों को अनुमतियों में दिक्कत न हो।पर्यटन क्षेत्र में भी एनडीए कई नई पहल कर सकती है। राज्य के प्रमुख पर्यटक स्थलों पर विभिन्न व्यंजनों के सरकारी सहयोग से स्टॉल खोलने की योजना है, जिससे स्थानीय रोजगार बढ़ेगा और बिहार की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। 


साथ ही, हर जिले और प्रखंड स्तर पर हस्तकौशल बाजार (Handicraft Bazaar) लगाए जाएंगे ताकि स्थानीय कारीगरों और शिल्पियों को मंच मिल सके।घोषणापत्र में नियोजित शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए समान काम के बदले समान वेतन (Equal Pay for Equal Work) की मांग को भी शामिल किया गया है।


इसके अलावा, अंतरराज्यीय और विदेशों में काम करने वाले बिहार के कामगारों का पंजीकरण कराया जाएगा, जिससे उन्हें सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।कुल मिलाकर एनडीए का यह घोषणापत्र “समृद्ध बिहार, आत्मनिर्भर बिहार” के विजन को साकार करने का रोडमैप बताया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि चुनावी मैदान में यह घोषणाएं जनता का कितना विश्वास जीत पाती हैं और विपक्ष इस पर कैसी प्रतिक्रिया देता है।

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