1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 06 Nov 2025 08:22:17 AM IST
बिहार चुनाव 2025 - फ़ोटो GOOGLE
Bihar Election 2025: पटना जिले के 14 विधानसभा क्षेत्रों में गुरुवार, 6 नवंबर 2025 को मतदान का महापर्व जारी है। कुल 149 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद होगा। मतदान सुबह 7:00 बजे से शुरू होगा और कुल 48 लाख से अधिक मतदाता अपने विधायक का चुनाव करेंगे। जिले में कुल 5,677 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
बुधवार को डिस्पैच सेंटर से सभी बूथों के लिए ईवीएम और अन्य मतदान सामग्री पूरी तरह आवंटित कर दी गई। जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। प्रत्येक बूथ पर केंद्रीय सशस्त्र सुरक्षा बल (CAPF) तैनात किए गए हैं। इसके अलावा टाल और दियारा इलाकों में घुड़सवार दस्ता गश्त, तथा क्विक रिस्पांस टीम (QRT) भी ड्यूटी पर है। सभी बूथों की निगरानी डिस्पैच सेंटर से लेकर जिला स्तर तक होगी। मतदान प्रभावित करने या मतदाताओं को डराने-धमकाने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
महिला संचालित मतदान केंद्र और आदर्श बूथ
पटना जिले में कुल 607 मॉडल बूथ बनाए गए हैं, जिनमें 541 महिला संचालित बूथ शामिल हैं। इसके अलावा 49 आदर्श बूथ, 14 दिव्यांग और 3 युवाओं द्वारा संचालित बूथ भी तैयार किए गए हैं। बांकीपुर और दीघा में क्रमशः 114 और 100 बूथ महिलाओं द्वारा संचालित किए जाएंगे। यह पहल मतदान में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से की गई है।
प्रत्याशियों का वितरण और मतदान नियम
सबसे अधिक 14 प्रत्याशी पालीगंज में, 13 प्रत्याशी कुम्हरार और मनेर में, 12-12 प्रत्याशी बाढ़, फतुहा और फुलवारी में, 10 प्रत्याशी बिक्रम और पटना साहिब में, 9 प्रत्याशी बख्तियारपुर, बांकीपुर और मसौढ़ी में, 8 प्रत्याशी मोकामा में और 7 प्रत्याशी दानापुर में चुनावी मैदान में हैं। चुनाव आयोग ने मतदान केंद्रों की सुरक्षा को देखते हुए बूथ के 100 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू कर दी है। इस दायरे में चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है। वोटिंग के लिए वाहन भी 100 मीटर के दायरे के बाहर खड़े होंगे। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और पोलिंग एजेंट भी इसी दायरे के बाहर ही रहेंगे।
मतदाता विवरण और उम्र वर्ग
18-19 वर्ष आयुवर्ग के वोटर: 85,892
85 वर्ष से अधिक उम्र वाले मतदाता: 33,850
यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी मतदाता शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान कर सकें। जिला प्रशासन और चुनाव आयोग मिलकर यह देख रहे हैं कि मतदान केंद्र पर ईवीएम और वीवीपैट सुरक्षित रूप से काम करें, और प्रत्येक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग बिना किसी भय या दबाव के कर सके।