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32 साल पुराने केस में बिहार की कोर्ट का सख्त रूख, 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ जारी किया वारंट

Bihar Crime News: पश्चिम चंपारण के 32 साल पुराने पुलिस हमला मामले में गवाही देने नहीं पहुंचे 11 पुलिसकर्मियों पर कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए वारंट जारी किया।

Bihar Crime News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© AI
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Crime News: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में 32 वर्ष पुराने पुलिस हमला मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। बगहा स्थित जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने गवाही के लिए उपस्थित नहीं होने पर 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ वारंट जारी किया है।


सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस पर हुए हमले जैसे गंभीर मामले में एक भी पुलिसकर्मी का गवाही देने नहीं पहुंचना बेहद गंभीर और अस्वीकार्य है। अदालत ने सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को अगली निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।


अपर लोक अभियोजक जितेंद्र भारती के अनुसार, यह मामला गोवर्धना थाना क्षेत्र का है। वर्ष 1994 में रामचंद्र चौधरी गैंग के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई थी। उस समय टास्क फोर्स प्रभारी ने एफआईआर दर्ज कराते हुए बताया था कि पुलिस टीम शेरवा करमहिया के बेरहवा खोला क्षेत्र में छापेमारी के लिए निकली थी।


इसी दौरान जंगल में मौजूद रामचंद्र चौधरी गिरोह के सरगना समेत कई अपराधियों—जिनमें केदार महतो, बिका महतो, कनैया साह, बसंत मुंडा और रामनंद महतो सहित अन्य शामिल थे—ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। कुछ देर बाद अपराधी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश की गई लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। घटनास्थल से कई सामान भी बरामद किए गए थे।


अब इसी मामले में गवाही के लिए कोर्ट में उपस्थित नहीं होने पर जिन 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ वारंट जारी हुआ है, उनमें टास्क फोर्स प्रभारी रामनरेश सिंह समेत राजेंद्र प्रसाद सिंह, युगल किशोर, जयदीप पासवान, मृत्युंजय कुमार सिंह, लक्ष्मण प्रसाद कुशवाहा, सुरेश पंडित, दीनदयाल मांझी, योगेंद्र पासवान, असर्फी बैठा और शंभू दास शामिल हैं। कोर्ट के सख्त रूख से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता