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Vigilance Raids on CO: बिहार के निलंबित CO प्रिंस राज के चार ठिकानों पर छापेमारी, काली कमाई का हुआ खुलासा

Vigilance Raids on CO: बिहार के निलंबित अंचलाधिकारी प्रिंस राज पर भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. विशेष निगरानी इकाई ने 16 अप्रैल को उनके चार ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें अवैध संपत्ति दस्तावेजों का खुलासा हुआ.

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 16, 2025, 7:14:16 PM

Vigilance Raids on CO:

- फ़ोटो GOOGLE

Vigilance Raids on CO: बिहार के निलंबित अंचलाधिकारी (सीओ) प्रिंस राज के एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी की गई है। बता दें कि विशेष निगरानी इकाई (स्पेशल विजिलेंस यूनिट) ने मधुबनी और शेखपुरा के अलावा झारखंड के हजारीबाग में भी आज यानि बुधवार 16 अप्रैल को रेड मारी है। इस दौरान प्रिंस राज और उनकी पत्नी के नाम पर होने की कई आवासीय मकान और फ्लैट की जानकारी मिली है।


वहीं, उनके कई बैंक खातों और निवेश की भी जानकारी भी मिली है। इसके साथ कई राज भी खुल गए गए है। सूचना के अनुसार, प्रिंस राज ने अपनी जन्म तारीख में हेरफेर किया है और चार साल तक अवैध नौकरी का अवैध लाभ भी लिया उठाया है। बिहार की स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने आज बुधवार को चार ठिकानों पर रेड मारी जिसमें मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में झिकटी स्थित प्रिंस राज के आवास, शेखपुरा जिले के अरियरी में सीओ अंकु गुप्ता के आवास, मधुबनी रेलवे स्टेशन के समीप चकधर स्थित उनके निर्माणाधीन आवास और झारखंड के हजारीबाग में दीपागरधा स्थित आवासीय परिसर शामिल है। 


जानकारी के मुताबिक, हजारीबाग के बैंक ऑफ इंडिया में प्रिंस राज की पत्नी अंकु गुप्ता के नाम पर एक लॉकर की भी सूचना मिली है, जिसकी छानबीन की जा रही है। इसके अलावा प्रिंस राज के आवास से मैट्रिक परीक्षा पास करने के दो प्रमाण पत्र मिले हैं। पहले प्रमाण पत्र में धर्मेंद्र कुमार के नाम से द्वितीय श्रेणी में पास दिखाया गया है। वहीं, दूसरे प्रमाण पत्र में प्रिंस राज के नाम से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण दिखाया गया है। बता दें कि दूसरे प्रमाण पत्र का ही इस्तेमाल कर प्रिंस ने बीपीएससी की परीक्षा पास की थी।


विजिलेंस यूनिट ने यह कार्रवाई भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में की गई। वहीं, प्रिंस राज पर सुपौल में अंचलाधिकारी रहते हुए काली कमाई से बेहिसाब संपत्ति बनाने का आरोप है। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी टीम में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) और साइबर विशेषज्ञ भी शामिल रहे हैं। कार्रवाई के दौरान टीम को कई ऐसे दस्तावेज और बैंकिंग निशान मिले हैं, जो उनकी घोषित आय की तुलना में 90% से अधिक संपत्ति के संकेत दे रहे हैं।


हालांकि सरकार पहले ही प्रिंस राज को निलंबित कर चुकी है। अब उनके खिलाफ कड़ा कानूनी कार्रवाई किया जा सकता है। बताया जा रहा है प्रारंभिक जांच में जिन लेन-देन और अघोषित संपत्तियों का पता चला था, उन्हीं को आधार बनाकर विजिलेंस यूनिटने कोर्ट से सर्च वारंट लेकर छापेमारी की है जिसके दौरान प्रिंस की सारी काली कमाई का भांडाफोड़ हुआ है।