Bihar Crime News: खबर सहरसा से है। जहां शहर के रिफ्यूजी चौक स्थित 'मेहमानजी गेस्ट हाउस' में पुलिस की छापेमारी के बाद अब इस पूरे मामले में बड़ा कानूनी शिकंजा कसा गया है। मामले में प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट सह कहरा अंचल के राजस्व अधिकारी अमन राज के लिखित आवेदन पर सहरसा सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पुलिस ने मौके से गिरफ्तार पांच आरोपियों सहित फरार गेस्ट हाउस संचालक और मकान मालिक को भी इस मामले में नामजद अभियुक्त बनाया है। घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम ने कई वैज्ञानिक और आपत्तिजनक साक्ष्य भी बरामद किए हैं। गेस्ट हाउस के कमरा नंबर 01 से लेकर 08 तक के कुल आठ कमरों का उपयोग अनैतिक देह व्यापार के लिए किया जा रहा था।
जब पुलिस और मजिस्ट्रेट की संयुक्त टीम ने अचानक गेस्ट हाउस की घेराबंदी की, तो वहां हड़कंप मच गया। कुछ लोग पिछले दरवाजे और टूटी खिड़कियों के सहारे भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस बल ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके से चार पुरुषों और एक महिला को धर दबोचा। घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को जांच के लिए बुलाया गया था।
शाम 04:25 बजे से 06:25 बजे तक चली सघन जांच के दौरान सभी आठों कमरों के बिछावन की चादरों पर संदिग्ध वीर्य के दाग पाए गए। इसके अलावा कमरों से प्रयुक्त और अप्रयुक्त कंडोम व अन्य आपत्तिजनक सामग्रियां मिलीं, जिन्हें FSL और पुलिस टीम ने विधिवत जब्त कर लिया है। पुलिस एफआईआर के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग भी शामिल हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों में अजय कुमार (26 वर्ष)थाना- बैजनाथपुर, सहरसा। आदित्य कुमार उर्फ गोलू (21-22 वर्ष) थाना- बैजनाथपुर, सहरसा। अजित कुमार (45 वर्ष) थाना- बैजनाथपुर, सहरसा। विरेन्द्र पौद्दार (75 वर्ष) सहरसा एवं मुन्नी खातून (45 वर्ष) जिला- पूर्णिया। प्राथमिकी के अनुसार, गिरफ्तार महिला मुन्नी खातून, गेस्ट हाउस के संचालक प्रवीण कुमार, अलौली, जिला- खगड़िया और मकान मालिक (गृह स्वामी) के साथ मिलकर लंबे समय से इस गेस्ट हाउस में देह व्यापार का अवैध धंधा संचालित कर खुद की जीविका चला रही थी।
पुलिस ने संचालक और मकान मालिक को भी आरोपी बनाते हुए उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है। पुलिस ने गेस्ट हाउस के रिसेप्शन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेज जब्त किए हैं जिनमें एक ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन। नगर निगम सहरसा द्वारा जारी ट्रेड लाइसेंस। फोन-पे का स्मार्ट स्पीकर और बैंक ऑफ महाराष्ट्र का क्यूआर स्कैनर।
सुरक्षा के लिए लगाया गया सिक्योरिटी नेटवर्क कैमरा। 17 आधार कार्ड (जिसमें 16 व्यक्तियों के आधार कार्ड की छायाप्रति और 01 व्यक्ति का मूल आधार कार्ड शामिल है)। पुलिस ने सभी संदिग्ध कमरों को सील कर दिया है और गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी के साथ-साथ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।





