Bihar News: जमुई सिंचाई प्रमंडल कार्यालय में कार्यरत एक परिचारी ने अपने ही विभाग के कार्यपालक अभियंता पर भेदभाव और निर्धारित काम से अलग कार्य कराने का गंभीर आरोप लगाया है. परिचारी गजेंद्र कुमार चौबे का कहना है कि कार्यालय में सात परिचारी कार्यरत हैं, लेकिन अन्य कर्मियों से विभागीय काम लिया जाता है, जबकि उनसे घास उखड़वाने और कार्यालय परिसर की सफाई जैसे काम कराए जाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ ऐसा व्यवहार उनके सवर्ण होने के कारण किया जा रहा है.
इस पूरे मामले से जुड़ा एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में गजेंद्र कुमार चौबे कार्यालय परिसर में घास साफ करते दिखाई दे रहे हैं और अपने साथ कथित भेदभाव की बात कहते सुनाई दे रहे हैं. हालांकि, वायरल वीडियो की तारीख, स्थान और उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.
वीडियो में कर्मी ने लगाए भेदभाव के आरोप
वायरल वीडियो में गजेंद्र चौबे बताते हैं कि सिंचाई प्रमंडल कार्यालय में कुल सात परिचारी हैं. उनके अनुसार, अन्य परिचारियों से कार्यालय से जुड़े काम लिए जाते हैं, जबकि उन्हें घास उखाड़ने और साफ-सफाई जैसे कामों में लगाया जाता है.
कर्मी का आरोप है कि उनके साथ यह व्यवहार उनके सवर्ण होने की वजह से किया जा रहा है. वीडियो में एक अन्य व्यक्ति की आवाज भी सुनाई देती है, जो परिचारी के काम का जिक्र करते हुए कहता है कि फाइलों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना और कार्यालय के जरूरी काम में सहयोग करना परिचारी की जिम्मेदारी है.
वेतन बंद करने और नौकरी से हटाने की धमकी का आरोप
गजेंद्र चौबे ने आरोप लगाया कि निर्धारित काम से अलग कार्य करने से इनकार करने पर उन्हें वेतन बंद करने और नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है. उन्होंने कहा कि परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी होने के कारण नौकरी जाने के डर से वह अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने को मजबूर हैं.
कर्मी के अनुसार, वीडियो शनिवार का है. उन्होंने बताया कि वह कार्यालय परिसर में साफ-सफाई कर रहे थे, उसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और बातचीत करने लगे. उनका कहना है कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि उस दौरान उनका वीडियो बनाया जा रहा है.
वायरल वीडियो के बाद साइबर थाना में केस
गजेंद्र चौबे ने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद कार्यपालक अभियंता की ओर से उन्हें केस दर्ज कराने की बात कही गई. इसके बाद उन्होंने साइबर थाना में मामला दर्ज कराया है.
कार्यपालक अभियंता ने आरोपों को बताया साजिश
वहीं, सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार ने परिचारी के आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि विभागीय निर्देश के अनुसार परिचारियों को पटवन की राशि की वसूली का काम भी दिया गया है.
कार्यपालक अभियंता के अनुसार, प्रमंडल में परिचारी के 32 पद स्वीकृत हैं, लेकिन फिलहाल केवल सात परिचारी कार्यरत हैं. अन्य परिचारी वसूली के काम के लिए बाहर जाते हैं. उन्होंने बताया कि गजेंद्र चौबे की तबीयत खराब रहने के कारण वह अधिकतर कार्यालय में ही रहते हैं.
उनका कहना है कि कार्यालय में फिलहाल फाइल से संबंधित पर्याप्त काम नहीं होने के कारण गजेंद्र चौबे से कार्यालय परिसर की सफाई का काम लिया जाता है. कार्यपालक अभियंता ने पूरे मामले के पीछे प्रमंडलीय लेखा पदाधिकारी करुणानिधि सौरभ की साजिश होने का आरोप लगाया है.
शराब पिलाकर वीडियो बनाने का भी आरोप
कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीने से कर्मी को बरगलाकर इस तरह का वीडियो बनवाया जा रहा था. उन्होंने यह भी दावा किया कि कर्मी को शराब पिलाकर वीडियो बनाया गया और बाद में उसे इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किया गया. इस मामले में साइबर थाना में केस दर्ज होने की बात भी उन्होंने कही है.
वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि 1st Bihar नहीं करता है.





