ब्रेकिंग
परिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकार

आखिरकार पकड़ा गया नक्सली मोहन बिंद, वसूला करता था लेवी

SASARAM: नक्सली मोहन बिंद आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। चेनारी थाना क्षेत्र के मगजपुरा से उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार नक्सली मोहन बिंद लेवी वसूलने के मामले में वांछित था। उसक

आखिरकार पकड़ा गया नक्सली मोहन बिंद, वसूला करता था लेवी
Jitendra Vidyarthi
1 मिनट

SASARAM: नक्सली मोहन बिंद आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। चेनारी थाना क्षेत्र के मगजपुरा से उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार नक्सली मोहन बिंद लेवी वसूलने के मामले में वांछित था। उसकी पुलिस को लंबे समय से तलाश थी। 


रोहतास एसपी आशीष भारती ने प्रेस को बताया कि मोहन बिंद की तलाश पिछले कई सालों से थी। उसके खिलाफ तिलौथू और चेनारी थाने में कई मामले दर्ज है। ईट भट्टा, कंस्ट्रक्शन कंपनी और ठेकेदारों से लेवी वसूलने के लिए मोहन बिंद प्रसिद्ध है। SSB और BMP की मदद से इस नक्सली को गिरफ्तार किया गया। 


अब इसकी निशानदेही पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। नक्सली मोहन बिंद के पास से कुछ भी बरामद नहीं हुआ है। बता दें की कैमूर पहाड़ी के तलहटी के इलाके में लेवी वसूलने के लिए भाकपा माओवादी संगठन ने मोहन बिंद को नियुक्त किया था। गंगा-सोन-विंध्याचल कमेटी में यह लेवी वसूली के लिए मुख्य सूत्र था।

रिपोर्टिंग
R

रिपोर्टर

RANJAN

FirstBihar संवाददाता