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निकम्मे पति को फर्जी IPS बनाने वाली बिहार की DSP फंस गयी: सरकार ने विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया

PATNA: अपने निकम्मे पति को फर्जी आईपीएस अधिकारी बनाने वाली बिहार की महिला डीएसपी पर आखिरकार सरकारी गाज गिर ही गयी है. बिहार सरकार ने अपनी जांच में महिला डीएसपी के खिलाफ लगे आर

निकम्मे पति को फर्जी IPS बनाने वाली बिहार की DSP फंस गयी: सरकार ने विभागीय कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: अपने निकम्मे पति को फर्जी आईपीएस अधिकारी बनाने वाली बिहार की महिला डीएसपी पर आखिरकार सरकारी गाज गिर ही गयी है. बिहार सरकार ने अपनी जांच में महिला डीएसपी के खिलाफ लगे आरोपों को सही पाया है. लिहाजा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने का आदेश जारी कर दिया गया है।


बता दें कि ये मामला पिछले साल ही सामने आया था. भागलपुर में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के पद पर तैनात डीएसपी रेशु कृष्णा पर अपने पति को फर्जी आईपीएस बनाने का आरोप लगा था. रेशु कृष्णा ने अपने निकम्मे पति को आईपीएस की वर्दी पहना कर साथ में फोटो खिंचवी और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था. इस मामले की शिकायत सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय पहुंची थी. बिहार सरकार ने भी मामले की छानबीन शुरू कर दी थी।


जांच रिपोर्ट के 10 महीने बाद सरकार की कार्रवाई

दरअसल ये मामला 2021 के अगस्त में ही सामने आया था. मामला गंभीर था. डीएसपी जैसे गंभीर पद पर तैनात महिला अधिकारी ने अपने पति को ही फर्जी आईपीएस अधिकारी बना दिया था. डीएसपी के कारनामों की जांच बिहार के डीजीपी ने जांच कर रिपोर्ट सरकार को भेजी थी. डीजीपी ने पिछले साल 3 दिसंबर को ही अपनी रिपोर्ट सरकार को भेज दी थी. जांच रिपोर्ट में कहा गया कि कहलगांव की तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रेशु कृष्णा ने अपने सरकारी मोबाइल नंबर के वाट्सएप और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपने पति सौरभ कुमार के साथ फोटो डाले थे।


इन फोटो में सौरभ कुमार आईपीएस अधिकारी की वर्दी में था. जबकि ना तो पुलिस अधिकारी या कर्मचारी है औऱ ना ही भारतीय पुलिस सेवा यानि IPS का पदाधिकारी है. लेकिन डीएसपी रेशु कृष्णा ने अपने पति सौरभ कुमार के साथ जो तस्वीर सोशल मीडिया पर लगाया था उसमें सौरभ वर्दी पहने थे जिस पर दिल्ली पुलिस का चिह्न और आईपीएस का बैच लगा था. DGP की जांच में पता चला था कि कहलगांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पद पर तैनाती के दौरान रेशु कृष्णा ने अपने क्षेत्र के ही कई स्थानों पति सौरभ कुमार के साथ ऐसी तस्वीरें खिंचवायी और उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया।


बिहार सरकार के गृह विभाग की ओर से अब जारी हुए पत्र में कहा गया है कि जांच में डीएसपी रेशु कृष्णा पर अपने पति को फर्जी वर्दी पहनाकर साथ में फोटो खिंचवाने, आईपीएस की फर्जी वर्दी पहने पति के साथ मंदिर में पूजा करने, ऐसी तस्वीरों को सोशल मीडिया में वायरल करने का आरोप सही पाया गया है. सरकार के मुताबिक डीएसपी रेशु कृष्णा एक जिम्मेवार पुलिस पदाधिकारी के पद पर तैनात थीं. लेकिन उन्होंने अपने पति को फर्जी वर्दी पहनाकर फोटो खिंचवाकर और उसे सोशल मीडिया पर वायरल  कर पुलिस विभाग की छवि धूमिल कर दी है. रेशु कृष्णा ने अपने पति को फर्जी आईपीएस अधिकारी बनने की मौन स्वीकृति दी औऱ समाज में भ्रम फैलाया. ये बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली के भी खिलाफ है।


वैसे, बिहार सरकार के गृह विभाग ने रेशु कृष्णा ने इस आरोपों पर जवाब मांगा था. डीएसपी रेशु ने सरकार को जवाब भेजा था लेकिन वे अपने उपर लगे आऱोपों को गलत नहीं साबित कर पायीं. लिहाजा सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई का फैसला लिया है. बिहार पुलिस मुख्यालय ने भी रेशु कृष्णा की सफाई को सही नहीं मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है. ऐसे में सरकार ने डीएसपी रेशु कृष्णा के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा के लिए विभाग कार्रवाही चलाने का फैसला लिया है. शाहाबाद क्षेत्र के डीएसपी क्षत्रनील सिंह को विभागीय कार्यवाही का संचालन पदाधिकारी बनाया गया है. डीआईजी क्षत्रनील सिंह की अनुशंसा के बाद सरकार डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई करेगी. बता दें कि फिलहाल रेशु कृष्णा बीएमपी की महिला बटालियन में डीएसपी पद पर तैनात हैं।

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