ब्रेकिंग
सम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने के बाद निशांत कुमार का पहला रिएक्शन, जानिए.. क्या बोले?दो घंटे के भीतर पुलिस ने लूटकांड का किया खुलासा, लूट में शामिल तीन बदमाश गिरफ्तारलेसी सिंह बनीं 8वीं बार मंत्री, बिहार की राजनीति में रचा इतिहासमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने के बाद निशांत कुमार का पहला रिएक्शन, जानिए.. क्या बोले?दो घंटे के भीतर पुलिस ने लूटकांड का किया खुलासा, लूट में शामिल तीन बदमाश गिरफ्तारलेसी सिंह बनीं 8वीं बार मंत्री, बिहार की राजनीति में रचा इतिहासमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंप

आनंद मोहन की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल, बढ़ सकती हैं मुश्किलें!

DESK: गोपालगंज के तत्कालीन DM जी. कृष्णैया की हत्या मामले में पूर्व सांसद आनंद मोहन को सजा में दी गई छूट को चुनौती देने वाली याचिका पर कल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो

आनंद मोहन की रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल, बढ़ सकती हैं मुश्किलें!
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

DESK: गोपालगंज के तत्कालीन DM जी. कृष्णैया की हत्या मामले में पूर्व सांसद आनंद मोहन को सजा में दी गई छूट को चुनौती देने वाली याचिका पर कल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। दिवंगत अधिकारी की पत्नी उमा कृष्णैया की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ कल सुनवाई करेगी।


गौरतलब है कि 1994 में तेलंगाना निवासी गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी.कृष्णैया की भीड़ ने पीटकर हत्या कर दी थी। यह घटना उस वक्त हुई जब उनकी गाड़ी मुजफ्फरपुर में गैंगस्टर छोटन शुक्ला की शव यात्रा से आगे निकलने की कोशिश की थी। आनंद मोहन उस समय विधायक थे और छोटन शुक्ला की शव यात्रा का नेतृत्व कर रहे थे। 


आनंद मोहन पर भीड़ को गोपालगंज डीएम जी. कृष्णैया की हत्या के लिए उकसाने का आरोप था। आनंद मोहन इस मामले में उम्र कैद की सजा काट रहे थे। 14 साल से अधिक समय तक जेल में रहने के बाद उन्हें पिछले साल सहरसा जेल से रिहा किया गया था। बिहार के गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी कृष्णैया की साल 1994 में हत्या कर दी गई थी। इसका आरोप बाहुबली नेता आनंद मोहन पर लगा था। जब ये मामला कोर्ट पहुंचा तो अदालत ने आनंद मोहन को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। बाद में पटना हाईकोर्ट ने इस फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया।


उधर, साल 2023 के अप्रैल महीने में बिहार सरकार ने आनंद मोहन को रिहा करने का फैसला किया। सरकार ने 14 साल जेल में बिताने को आधार मानकर आनंद मोहन को रिहा कर दिया था. जिसका दिवंगत आईपीएस जी कृष्णैया के परिवार ने विरोध किया। गोपालगंज के तत्कालीन DM जी. कृष्णैया की हत्या मामले में पूर्व सांसद आनंद मोहन को सजा में दी गई छूट को चुनौती देने वाली याचिका पर कल सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। 


संबंधित खबरें