ब्रेकिंग
पटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनापटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानीबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं इंजीनियर कुमार शैलेंद्र? जो सम्राट सरकार में बनने जा रहे मंत्रीशपथ ग्रहण से पहले पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर रोहिणी आचार्य का तीखा तंज, बीजेपी को भी घेराबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चना

पटना नीट छात्रा मौत मामला: CBI ने मामा और प्रभात मेमोरियल के संचालक से की पूछताछ, जांच में देरी पर उठ रहे सवाल

NEET Student Death: पटना नीट छात्रा मौत केस में CBI की जांच पर सवाल उठने लगे हैं. केस के नए IO ने शनिवार को लड़की के मामा और प्रभात मेमोरियल संचालक से पूछताछ की. अबतक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार नाराज है.

NEET Student Death Case
© Reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

NEET Student Death: पटना नीट छात्रा मौत केस अब और पेचीदा होता जा रहा है। जांच की जिम्मेदारी संभाल रही CBI की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। POCSO कोर्ट की सख्ती के बाद CBI ने जांच अधिकारी (IO) को बदल दिया है। अब इस केस की जिम्मेदारी डीएसपी विभा कुमारी को दी गई है।


शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे नए जांच अधिकारी ने छात्रा के मामा को पूछताछ के लिए पटना स्थित CBI दफ्तर बुलाया। मामा से लगभग एक घंटे तक पूछताछ की गई और इस दौरान करीब 25 सवाल किए गए। पूछताछ के बाद मामा ने आरोप लगाया कि CBI भी इस मामले में लीपापोती कर रही है। अधिकारी बदले जा रहे हैं, लेकिन जांच सही दिशा में नहीं बढ़ रही।


मामले में प्रभात मेमोरियल के संचालक डॉ. सतीश को भी CBI कार्यालय बुलाया गया और उनसे करीब आधे घंटे तक पूछताछ की गई। CBI ने 12 फरवरी को इस हाई-प्रोफाइल केस को अपने हाथ में लिया था, लेकिन डेढ़ महीने बीतने के बाद भी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।


पीड़ित पक्ष के वकील एस.के. पांडेय ने CBI पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जांच निष्पक्ष नहीं हो रही है और बार-बार सिर्फ पीड़ित परिवार से ही पूछताछ की जा रही है, जबकि दोषियों से सवाल नहीं किए जा रहे। उन्होंने कहा कि परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है कि इसे आत्महत्या मान लें। वकील ने POCSO कोर्ट में शिकायत और मुआवजे के लिए आवेदन भी दाखिल किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को तय है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें