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Bihar Crime: अब अपराधियों की गिरफ्तारी और सजा के बाद संपत्ति भी होगी जब्त, 3 हजार नक्सली और 4000 बदमाशों की डाटाबेस STF के पास मौजूद

Bihar Crime: बिहार में अपराध करने वालों की अब खैर नहीं है। अब यदि कोई अपराधी अपराध करते गिरफ्तार होता है या फिर उसे कोर्ट सजा सुनाती है तब उसकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी। इस का

BIHAR POLICE
अपराधियों पर नकेल कसने की तैयारी
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

Bihar Crime: बिहार में अपराध करने वालों की अब खैर नहीं है। अब यदि कोई अपराधी अपराध करते गिरफ्तार होता है या फिर उसे कोर्ट सजा सुनाती है तब उसकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी। इस कार्रवाई के लिए एसटीएफ ने 3 हजार नक्सली और 4000 बदमाशों का डाटाबेस तैयार किया है। इसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। 


बिहार में अब अपराधियों को गिरफ्तार कर सजा दिलाने के साथ ही उनकी अवैध तरीके से कमाई गई संपत्ति को भी जब्त किया जाएगा। आपराधिक गतिविधियों की बदौलत जमा की गई अकूत संपत्ति की पहचान कर इन्हें जब्त किया जाएगा। सभी जिलों को ऐसे अपराधियों की पहचान कर सूची भेजने के लिए कहा गया है। यह जानकारी एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। 


उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में पेशेवर अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है। ऐसे अपराधियों की संपत्ति पुलिस के रडार पर है। इन पर जल्द कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि कुख्यात अपराधियों का जिलावार डोजियर तैयार हो रहा है। एसटीएफ ने अब तक 3 हजार नक्सली या नक्सली गतिविधियों में शामिल लोगों के अलावा सभी जिलों के 4 हजार अपराधियों का डाटाबेस तैयार किया गया है। इसके आधार कार्रवाई की जाएगी। 


एडीजी ने बिहार पुलिस की जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन पूरी सख्ती से करने की बात दोहराते हुए कहा कि हाल में पटना के पास दानापुर में जीवा ज्वेलरी दुकान और आरा के तनिष्क शोरूम में हुई लूट की घटनाओं में मास्टरमाइंड पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में बंद दो कुख्यात पाए गए हैं। इसमें प्रिंस उर्फ चंदन और शेरू शामिल है। इन्हें पूछताछ करने के लिए जल्द ही रिमांड पर लेकर बिहार पुलिस आएगी। पुरुलिया जेल में बंद इन दोनों अपराधियों के सेल की तलाशी में कुछ संदिग्ध इलेक्ट्रिक उपकरण भी मिले हैं। इनकी जांच में लूट से जुड़े कई साक्ष्य मिले हैं। ऐसी कुछ अन्य घटनाओं में भी जेल में बंद कुछ पुराने कुख्यात अपराधियों की संलिप्तता सामने आई है। ऐसे अपराधियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।


उन्होंने कहा कि राज्य में लूट की घटनाओं को अंजाम देने में वैशाली और आरा के युवाओं की संख्या अधिक है। इन युवाओं को दिगभ्रमित कर अपराध के रास्ते पर ले जाने का काम जेल में बैठे कुछ माफिया या पुराने कुख्यात अपराधी कर रहे हैं। वे इन युवाओं का गैंग तैयार कर इनसे अपराध करवा रहे हैं। युवाओं के अभिभावकों को भी अपने बच्चों के प्रति सतर्क रहना चाहिए। 


इस दौरान मौजूद एसटीएफ के एसपी संजय सिंह ने आरा तनिष्क लूट कांड से जुड़ी घटनाक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि आरा लूट कांड का मास्टरमाइंड चुनमुन झा वारदात के बाद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। अन्य प्रमुख अपराधी कुणाल एवं विशाल ने आधा रास्ते में लूट के माल को दूसरे को दे दिया था और कपड़े भी बदले थे। इसी गैंग के दो अपराधी बलिया से पकड़े गए। इस तरह अब तक 15 की गिरफ्तारी हो चुकी है। तीन फरार की गिरफ्तारी भी जल्द हो जाएगी। तनिष्क शोरूम से लूटा गया ढाई किलो सोना भी बरामद हुआ है। 9 मोबाइल, हथियार, कारतूस समेत अन्य सामान बरामद हुए हैं। 


इस पूरे कांड में सामान रिसिव करने वाले और मदद करने वालों को चिन्हित किया गया है। इसमें प्रमुखता से नितिन पांडेय का नाम सामने आया है, जिसने इस गैंग को सामान एवं हथियार सप्लाई करने का काम किया था। इसकी गिरफ्तारी गुड़गांव से की गई है। ऐसे अन्य लोगों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। अब तक पुलिस की जांच टीम 6 राज्यों में जाकर पड़ताल कर चुकी है। मिथिलेश नामक अपराधी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया था। पूरे मामले में एसटीएफ के एसपी संतोष कुमार, एसपी प्रमोद कुमार भी अलग-अलग स्थानों पर कैंप किए हुए थे।


एडीजी कुंदन कृष्णन ने कहा कि राज्य में एक हाई सिक्योरिटी जेल बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसका प्रस्ताव जल्द ही गृह विभाग को सौंपा जाएगा। यह जेल राज्य के एक वीरान स्थान पर होगा, जहां मोबाइल नेटवर्क की पहुंच नहीं होगी और न ही कोई अन्य सुविधा होगी। आने वाले मुलाकातियों की पूरी सर्विलांस कैमरे से की जाएगी।




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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

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