Bihar Crime News: बिहार के मोकामा अनुमंडल में शुक्रवार की रात एक ऐसी वारदात हुई, जिसने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। मरांची थाना क्षेत्र के कसहा दियारा पंचायत स्थित शिवनगर गांव की एक गौशाला में सो रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग बाल्मीकि निषाद की बेरहमी से हत्या कर दी गई। अज्ञात अपराधियों ने सोते समय ही उनका गला रेत दिया। शनिवार की सुबह जब परिजन और ग्रामीण वहां पहुंचे, तो खून से लथपथ शव देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए।
मृतक बाल्मीकि निषाद मूल रूप से बेगूसराय जिले के चकिया थाना क्षेत्र के मल्हीपुर बिंद टोली के निवासी थे। वे कई वर्षों से कसहा दियारा इलाके में रहकर पशुपालन का काम कर रहे थे। गौशाला में ही उनका ठिकाना था, जहां वे मवेशियों की देखभाल करते और आसपास के पशुपालकों से दूध इकट्ठा कर बिक्री करते थे। गांव में उनकी पहचान एक मेहनती, सीधे-साधे और मिलनसार व्यक्ति के रूप में थी, जिससे उनकी इस तरह हत्या की खबर ने लोगों को भीतर तक झकझोर दिया है।
परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार की रात सब कुछ सामान्य था। बाल्मीकि निषाद रोज की तरह खाना खाने के बाद गौशाला में सोने चले गए थे। लेकिन रात के अंधेरे में किसी ने उनकी इस शांत दिनचर्या को हमेशा के लिए खत्म कर दिया। आशंका जताई जा रही है कि अपराधी पहले से मौके की रेकी कर चुके थे और उन्हें यह पता था कि बुजुर्ग रात में अकेले रहते हैं।
शनिवार सुबह जब परिवार के लोग गौशाला पहुंचे, तो वहां का दृश्य बेहद भयावह था। खाट पर पड़े शव के आसपास खून बिखरा हुआ था और शरीर पर गहरे जख्म के निशान थे। यह साफ संकेत दे रहा था कि हत्या बेहद क्रूरता के साथ की गई है। इस दृश्य को देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते पूरे गांव में खबर फैल गई।
हत्या के पीछे का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। परिजनों का कहना है कि बाल्मीकि निषाद का किसी से कोई विवाद या दुश्मनी नहीं थी। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी निर्मम हत्या क्यों की गई। कुछ लोग लूटपाट की आशंका जता रहे हैं, तो कुछ इसे किसी बड़ी साजिश से जोड़कर देख रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार और एसडीपीओ रामकृष्ण मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। घटनास्थल पर डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम को बुलाया गया, जो हर छोटे-बड़े सुराग को खंगालने में जुटी है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा और दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
इस घटना के बाद इलाके में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि दियारा जैसे इलाकों में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था कमजोर रहती है, ऐसे में इस तरह की घटनाएं लोगों के मन में असुरक्षा की भावना को और बढ़ा रही हैं। रात के समय लोग अब अकेले रहने से भी डरने लगे हैं।
बाल्मीकि निषाद की हत्या ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है। लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि एक शांत और सरल जीवन जीने वाले बुजुर्ग के साथ इतनी क्रूरता आखिर क्यों की गई। अब सबकी निगाहें पुलिस की जांच पर टिकी हैं, ताकि इस खौफनाक वारदात के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।

