फर्स्ट बिहार की खबर का असर: कार्रवाई के डर से भागे थाना प्रभारी को एसपी ने किया सस्पेंड, बालू माफिया से बातचीत मामले में कार्रवाई कटिहार में धड़ल्ले से हो रहा मिट्टी का अवैध खनन, प्रशासन की उदासीनता से माफियाओं का हौसला बुलंद बिहार की धरती पर सजेगा फिल्मी संसार: जहानाबाद के हैदर काज़मी फिल्म सिटी का मंत्री संतोष सुमन ने किया दौरा बिहार के इस जिले में 8,051 ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड, राज्यभर में कुल 13,451 पर असर दानापुर और रक्सौल से चलने वाली इन स्पेशल ट्रेनों के फेरों में वृद्धि, अब यह जून तक चलेगी नेपाल में भूकंप के झटके, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी डोली धरती Ramnavami 2025 : रामनवमी पर 22 घंटे खुला रहेगा पटना महावीर मंदिर, लाखों भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था उड़ान योजना के तहत बिहार के 7 हवाई अड्डों का होगा विकास, इन राज्यों में हवाई मार्ग से पहुंचना होगा आसान Waqf bill :"बीजेपी जो चाहती है, वही करती है" कांग्रेस सांसद का छलका दर्द! Maha Yagya: गुवाहाटी में श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का आयोजन, असम के राज्यपाल हुए शामिल
04-Apr-2025 11:00 PM
By Dhiraj Kumar Singh
JAMUI: एक बार फिर फर्स्ट बिहार की खबर का बड़ा असर हुआ है। 01 अप्रैल 2025 को हमने खबर चलाई थी कि बालू माफिया से बातचीत का ऑडियो वायरल हो रहा है और कार्रवाई के डर से थाना प्रभारी फरार हो गये हैं। फर्स्ट बिहार की खबर के बाद जमुई एसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने उक्त थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। थाना प्रभारी ऑडियो के वायरल होने के बाद अंडरग्राउंड हो गये और अपना मोबाइल भी बंद कर दिये थे।
27 मार्च 2025 को सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल हुआ था। जिसमें जमुई टी०ओ०पी-1 प्रभारी पु०अ०नि० मोतीलाल साह एवं बालू माफिया के बीच रूपये की लेन-देन की बात की जा रही थी। वीडियो वायरल होने के बाद जमुई के एसपी ने मोतीलाल साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वही पुलिस उपाधीक्षक-सह-थानाध्यक्ष, साइबर थाना को पत्र के साथ संलग्न पेनड्राईव में मौजूद डाटा (फोटो, वीडियों, ऑडियो तथा एक न्यूज पेपर कटिंग) तथा व्हाट्सएप कॉल के क्लिपों में आये नामों तथा सूचनाओं का जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया..
इस संबंध में जमुई साइबर थाना कांड संख्या-07/25. दिनांक 19.02.2025, धारा-318(2)/318(4)/308(3)/308(4)/319 (2)/61 (2) बी0एन0एस0-2023 एवं 66डी आई०टी० एक्ट के अंतर्गत प्राथमिकी नामजद नि०पु०अ०नि० मोतीलाल साह (संदिग्ध), 1. रंजय कुमार, पे०-प्रभु तांती, सा०-कल्याणपुर, 2. गंगवा उर्फ कमल कुमार सिंह, सा०-बिहारी, 3. मुन्ना, पे०-गुलाबी यादव, सा०-कल्याणपुर, 4. चंदन यादव, सा०-बिहारी, चारो थाना जिला-जमुई, 5. दीपक चौधरी उर्फ भूदेव चौधरी, पे०-महेन्द्र चौधरी, सा०-कागेसर, थाना-खैरा, 6. चंदन कुमार, पे० उमेश प्रसाद, सा०-बोधवन तालाब, थाना व जिला-जमुई व अन्य के विरूद्ध कांड दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया है।
दरअसल मामला सामने आने के बाद एसपी मदन कुमार आनंद ने इसकी जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया था। जांच के लिए साइबर थाना को जिम्मेदारी दी गई थी। जिसमें एसपी के निर्देश पर जमुई साइबर डीएसपी राजन कुमार नेतृत्व कर रहे थे। 28 मार्च को साइबर थाना में जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें टीओपी थाना प्रभारी मोती लाल साह को संदिग्ध के रूप में नामित किया गया। साथ ही ऑडियो वायरल करने वाले कल्याणपुर निवासी रंजय कुमार और ऑडियो में उल्लिखित नाम नीतीश कुमार, कमल सिंह, दीपक चौधरी, कृष्णा यादव, मुन्ना, और चंदन कुमार को आरोपी बनाया गया था।
साइबर थाना की रिपोर्ट के अनुसार,जमुई टीओपी थाना प्रभारी मोती लाल साह अपने थाने से फरार हैं और उनका मोबाइल भी बंद है। इस मामले में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए भास्कर टीम बोधवान तालाब स्थित टीओपी थाना पहुंची, लेकिन थाना खाली पाया गया। टीम ने टीओपी थाना के अंकित नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वह नंबर भी बंद था। थाने के अंदर एक व्यक्ति से मुलाकात हुई, जिन्होंने अपना नाम सुनील कुमार साह बताया।
उन्होंने कहा 31 मार्च को हीं यहां आयें हैं। जब फर्स्ट बिहार न्यूज़ चैनल की टीम ने उनसे मोती लाल साह के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा कि उन्हें उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है और वे यहां नहीं दिख रहे हैं। आगे उन्होंने बताया कि वे सिमुलतला थाना से आए हैं और अभी तक उन्हें कोई लिखित आदेश नहीं मिला है। मौखिक आदेश के आधार पर ही वे यहां आए हैं। जैसे ही लिखित आदेश मिलेगा, जानकारी सभी को दी जाएगी।