Cyber Crime News: कानपुर में एक वरिष्ठ डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर 48 लाख रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में पुलिस ने बिहार से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बिहार के सहरसा जिले के सलखुआ निवासी राजीव रंजन के रूप में हुई है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने उसे सहरसा से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के पास से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि डॉक्टर से ठगी गई करीब 48 लाख रुपये की रकम आरोपी के बैंक खाते में पहुंची थी। इसके अलावा फर्जी फर्म और बैंक खातों के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों में करीब 1.42 करोड़ 68 हजार रुपये की साइबर ठगी किए जाने का भी खुलासा हुआ है।
मामला कानपुर के स्वरूप नगर का है। यहां के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. योगेश चंद्र मिश्रा को साइबर ठगों ने फोन किया था। ठगों ने पहले खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का वरिष्ठ अधिकारी बताया। इसके बाद कॉल अपने दूसरे साथी को ट्रांसफर कर दी, जिसने खुद को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) का अधिकारी बताया।
आरोपियों ने डॉक्टर को गंभीर आपराधिक मामले और वित्तीय अनियमितताओं की जांच में फंसे होने की बात कहकर डराया। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर उन्हें लगातार मानसिक दबाव में रखा गया। साथ ही किसी से संपर्क नहीं करने और पुलिस को इसकी जानकारी नहीं देने की हिदायत दी गई। इस तरह डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डॉक्टर से अलग-अलग बैंक खातों में करीब 48 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
इस मामले में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों की जांच के आधार पर पुलिस ने नवाबगंज निवासी वासु, रायबरेली के आतिश कुमार और कैंट निवासी कंचन प्रजापति को गिरफ्तार किया था।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों में हेराफेरी कर खुद को प्रतापगढ़ का निवासी बताया था। इसके बाद बाउकोयो कांक्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक फर्जी कंपनी तैयार की गई और उसके नाम पर बैंक खाता खुलवाया गया। इस खाते में 15 ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 25.98 लाख रुपये आए। इसके बाद रकम को 611 ट्रांजेक्शन के माध्यम से अलग-अलग बैंक खातों में भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन और बैंक खातों की जांच में पता चला कि इनका इस्तेमाल केवल कानपुर की घटना में ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों में भी साइबर ठगी के लिए किया गया था।नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर जांच के दौरान उत्तर प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत विभिन्न स्थानों से जुड़ी चार साइबर अपराध शिकायतें सामने आईं।
इन शिकायतों में करीब 1 करोड़ 42 लाख 68 हजार रुपये की ठगी से संबंधित रकम का विवरण मिला है। पुलिस ने इस मामले में कानपुर के मुकुल चौबे को भी वांछित किया है। उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस अब पूरे साइबर ठगी नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।




