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मानव तस्करी के बड़े गिरोह का खुलासा: ट्रेन से 163 नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू, बिहार के 8 तस्कर गिरफ्तार

Bihar Crime News: कटनी में बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में 163 नाबालिग बच्चों को मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाया गया है. इस मामले में बिहार के 8 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Crime News: बिहार में मानव तस्करी के फैलते जाल की एक भयावह तस्वीर मध्य प्रदेश के कटनी से सामने आई है। अररिया समेत बिहार के कई जिलों से मजदूरी के नाम पर महाराष्ट्र ले जाए जा रहे 163 नाबालिग बच्चों को एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में मुक्त कराया गया है। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में छापेमारी कर इन बच्चों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया। इस कार्रवाई में बिहार के रहने वाले 8 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।


प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन बच्चों को अररिया जिले से इकट्ठा किया गया था और महाराष्ट्र के लातूर ले जाया जा रहा था। तस्करी का खुलासा तब हुआ जब आरपीएफ को गुप्त सूचना मिली कि बड़ी संख्या में बच्चों को बिना वैध दस्तावेज और टिकट के ट्रेन से ले जाया जा रहा है। रेस्क्यू किए गए बच्चों की उम्र 6 से 13 वर्ष के बीच बताई जा रही है।


आरपीएफ कटनी के निरीक्षक वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह अभियान पूरी रात चला और रविवार तड़के बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। तस्करों के पास बच्चों की कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं थे। बच्चों को कोच में बेहद खराब हालत में भेड़-बकरियों की तरह भरकर ले जाया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, इन्हें महाराष्ट्र में बंधुआ मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था।


जीआरपी ने इस मामले में बिहार के विभिन्न जिलों के 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 143 के तहत केस दर्ज किया है। इस धारा के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की तस्करी करने पर कम से कम 10 साल की सजा का प्रावधान है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस तस्करी गिरोह के तार बिहार और अन्य राज्यों में कहां-कहां जुड़े हुए हैं।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता