Bihar News: योजना एवं विकास विभाग में प्रतिनियुक्ति पर तैनात कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर हैं. आर्थिक अपराध इकाई ने इनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया है. इसके बाद आज पांच अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी ली गई. इनके खिलाफ आय से 83 लाख 53 हजार ₹200 अधिक अर्जित करने के आरोप हैं.
नारद दास 2014 में जल संसाधन विभाग में सहायक अभियंता के रूप में नौकरी की शुरूआत की. 12 सालों में इन्होंने अकूत संपत्ति अर्जित कर ली. वर्तमान में योजना एवं विकास विभाग स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन कार्य प्रमंडल मुंगेर में कार्यपालक अभियंता के पद पर कार्यरत्त हैं. आर्थिक अपराध इकाई ने इनके ससुराल मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर स्थित फ्लैट में भी छापेमारी की. जहां से 50 लाख ₹50000 कैश बरामद किए गए हैं.
इसके अलावा मुंगेर में किराए के आवास पर ली गई तलाशी में 170000 रुपए नगद, 30 लाख रुपए मूल्य के आभूषण, ज्वेलरी खरीद के कई रसीद बरामद किया गया है. भागलपुर स्थित पैतृक आवास से भूखंड खरीद के किए जाने से संबंधित दस्तावेज एवं 5 लाख रुपए मूल्य की ज्वेलरी खरीद से संबंधित रसीद बरामद हुई है. तलाशी में चार बैंक खाता, जिसमें 17 लाख 15688 रुपए राशि जमा है, जिसे फ्रीज कराया गया है.
इन्होंने वर्ष 2026 में अपनी सास बीना विद्यार्थी के नाम पर दानापुर के रूपसपुर कुसुमपुरम में 3.9 डिसिमल बाउंड्री वॉल की गई जमीन 50 लाख रुपए में खरीदी है. जिसका वर्तमान बाजार मूल्य डेढ़ करोड़ रुपए है . इन्होंने उक्त भूखंड खरीद में कई स्तर पर लेयरिंग करते हुए पत्नी के खाते से राशि का हस्तातरण किया है, जिसका प्रमाण मिला है.





