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दारोगा खामस चौधरी मौत मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला, तीन दोषियों को 5 साल की सजा; छापेमारी के दौरान गई थी जान

Bihar Crime News: बेगूसराय में दारोगा खामस चौधरी मौत मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए 5 साल की सजा सुनाई है.

Bihar Crime News
© Reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar Crime News: बेगूसराय जिले के नावकोठी थाना क्षेत्र अंतर्गत छतौना पुल के पास दारोगा खामस चौधरी की मौत से जुड़े चर्चित मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश (नवम) गौरव आनंद की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। 


न्यायालय ने इस मामले में तीन आरोपितों- नीमाचांदपुरा थाना क्षेत्र निवासी रितेश कुमार, मनीष कुमार और कृष्ण कुमार—को हत्या के बजाय गैर इरादतन हत्या (IPC 304) का दोषी मानते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10,500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।


घटना उस समय की है जब दारोगा खामस चौधरी अपने सहयोगी पुलिसकर्मियों के साथ छतौना पुल के पास अवैध शराब ले जा रहे तस्करों को रोकने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान तस्करों ने वाहन से धक्का मारते हुए भागने की कोशिश की। धक्का लगने से दारोगा खामस चौधरी सड़क पर गिर पड़े और उनका सिर पत्थर से टकरा गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।


इस हत्याकांड में तत्कालीन थानाध्यक्ष परशुराम सिंह के बयान पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 353, 323 समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से एपीपी वीपीन राय ने कुल नौ गवाहों की गवाही कराई, जिनमें पुलिसकर्मी और चिकित्सक शामिल थे।


सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपितों को हत्या (IPC 302) के बजाय गैर इरादतन हत्या का दोषी पाया और सजा सुनाई। उल्लेखनीय है कि सभी आरोपी लगभग 30 माह से इस मामले में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। बता दें कि इस संवेदनशील मामले के फैसले पर पूरे पुलिस प्रशासन और आम जनता की नजरें टिकी हुई थीं।

रिपोर्टिंग
H

रिपोर्टर

HARERAM DAS

FirstBihar संवाददाता

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