ARARIA: अररिया के दिघली गांव स्थित श्मशान घाट पर बुधवार को शहीद नंदकिशोर यादव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। समस्तीपुर के मोहनपुर थानाध्यक्ष नंदकिशोर यादव का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक आवास पहुंचा तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। भारी संख्या में लोग शव यात्रा में शामिल हुए और श्मशान घाट पहुंचे। इस घटना से गांव वाले मर्माहत हैं। पूरे गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
श्मशान घाट पर बड़े बेटे हर्ष ने पिता को मुखाग्नि दी। जिसके बाद राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले पुलिस की टीम ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान कई पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद थे। नंदकिशोर के बड़े हर्ष के आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा था। रोते हुए उसने पिता के हत्यारों को फांसी की सजा दिये जाने की मांग वहां मौजूद पुलिस पदाधिकारी से की।
बता दें कि 15 अगस्त की अहले सुबह जब लोग तिरंगा फहराने की तैयारी कर रहे थे तभी समस्तीपुर के मोहनपुर ओपी थाना प्रभारी नंदकिशोर यादव की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। नंदकिशोर पुलिस टीम के साथ मवेशी चोरों को पकड़ने के लिए छापेमारी करने गये थे। तभी इसी दौरान बदमाशों ने देसी कट्टा से उनके सिर में गोली मार दी। जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गये। आनन-फानन में इलाज के लिए उन्हें पटना लाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस घटना पर दुख जताते हुए समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने बताया था कि ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे मोहनपुर पुलिस चौकी के प्रभारी नंदकिशोर यादव को सिर में गोली मारी गयी थी जिससे उनकी मौत हो गयी। उन्होंने बताया था कि एक दिन पहले कुछ मवेशी तस्करों को गिरफ्तार किया था। जिससे पूछताछ में पशु तस्करों के एक गिरोह का पता चला था। इसी सूचना के आधार पर मोहनपुर ओपी के दारोगा नंदकिशोर यादव अपनी टीम के साथ सोमवार की देर रात छापेमारी के लिए निकले थे। इसी दौरान पशु तस्करों ने उन्हें गोली मार दी। मंगलवार को पटना में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अपराधियों की संख्या दस थी।
समस्तीपुर एसपी ने बताया था कि पिछले एक सप्ताह से मवेशी चोरी की घटनाएं सामने आ रही थी। नंदकिशोर जी लगातार उसमें काम कर रहे थे। उन्हें सूचना मिली थी कि यह गैंग फिर से समस्तीपुर आया हुआ है। यह गैंग नालंदा का है। अपनी टीम बनाकर वे छापेमारी के लिए निकले थे। छापेमारी सफल रही थी चोरों को पकड़ लिया गया था लेकिन तभी बदमाशों ने देसी कट्टा से नंदकिशोर को गोली मार दी। जिससे उनकी इलाज के दौरान मौत हो गयी। समस्तीपुर एसपी ने बताया कि चोरों और पूरे गैंग की पहचान कर ली गयी है। मौके से पिकअप को जब्त किया गया है। नालंदा का गैंग समस्तीपुर में आकर मवेशियों की चोरी किया करता था। आठ से दस की संख्या में ये लोग थे। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी बदमाश सलाखों के पीछे होंगे।
एसपी ने बताया कि हमारे एक साथी के जाने से 15 अगस्त के दिन भी पूरी समस्तीपुर पुलिस दुखी है। हमलोगों ने निर्णय लिये हैं कि समस्तीपुर के तमाम पुलिस कर्मी अपना दो दिनों का वेतन पीड़ित परिवार को उपलब्ध कराएंगे। अगले दस दिनों के अंदर पीड़ित परिवार को मुआवजा मिले इसका भी प्रयास हम कर रहे हैं। बता दें कि शहीद नंदकिशोर अररिया के पलासी थाना क्षेत्र दिघली गांव के रहने वाले थे। समस्तीपुर के मोहनपुर थानाध्यक्ष नंदकिशोर यादव की हत्या से उनके पैतृक आवास में शोक की लहर है। मंगलवार को समस्तीपुर के मोहनपुर थानाध्यक्ष नंदकिशोर यादव का पार्थिव शरीर समस्तीपुर पुलिस लाइन में लाया गया। जहां गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उनके पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गयी। आज उनका पार्थिव शरीर अररिया ले जाया गया जहां राजकीय सम्मान के साथ शहीद नंदकिशोर यादव का अंतिम संस्कार किया गया।
वही शहीद नंदकिशोर यादव को श्रद्धांजलि देने के लिए जमुई एसपी डॉ शौर्य सुमन के निर्देश पर जिले के सभी थानों में 2 मिनट का मौन रखा गया। एसपी कार्यालय में एसपी डॉ शौर्य सुमन सहित पुलिस कार्यालय में पदस्थापित सभी पुलिसकर्मियों व मलयपुर थाना अध्यक्ष वीरभद्र सिंह सहित जिले के तमाम थाना में 2 मिनट का मौन रखकर शहीद नंदकिशोर यादव को श्रद्धांजलि दी। थाना प्रभारी नंदकिशोर यादव की बहादुरी के चर्चे पूरे पुलिस महकमे में हो रही है और उनकी शहादत से पूरे पुलिस महकमे में शोक का माहौल व्याप्त है।








