1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Aug 10, 2025, 2:20:34 PM
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Success Story: मन में कुछ कर गुजरने की चाहत हो तो कोई भी परेशानी सफलता के आड़े नहीं आ सकती। कुछ ऐसी ही कर दिखाया है देश के सबसे युवा आईपीएस अधिकारी सफीन हसन की। गरीबी, संघर्ष और जुनून ने सफीन हसन को देश का सबसे युवा IPS अफसर बना दिया। सफीन हसन आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।
संघर्षों से भरा बचपन
सफीन हसन का जन्म 1995 में गुजरात के पालनपुर के एक बेहद गरीब मज़दूर परिवार में हुआ। माता-पिता हीरा उद्योग में काम करते थे, लेकिन वर्ष 2000 में नौकरी चली गई। इसके बाद मां ने रसोइए का काम शुरू किया और पिता ईंट ढोने लगे। परिवार ने ठेले पर अंडे बेचकर गुज़ारा किया।
शिक्षा की राह में मुश्किलें, लेकिन हौसला नहीं टूटा
इस कठिन जीवन के बावजूद, सफीन ने अधिकारी बनने का सपना नहीं छोड़ा। स्कूल प्रशासन ने उनकी 11वीं और 12वीं की फीस माफ कर दी। 12वीं के बाद उन्होंने रिश्तेदारों की मदद से इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला लिया और UPSC की तैयारी शुरू कर दी। वर्ष 2017 में UPSC की परीक्षा के दिन सफीन का एक गंभीर एक्सीडेंट हो गया। हालत नाजुक थी, लेकिन उन्होंने घायल अवस्था में ही परीक्षा दी। बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया, कई सर्जरी और फिजियोथेरेपी से गुज़रना पड़ा।
सफलता की ऊंचाई
इन तमाम संघर्षों और दर्द के बावजूद, सफीन हसन ने 2018 में UPSC परीक्षा पास की और 570वीं रैंक हासिल की। वे महज़ 22 साल की उम्र में देश के सबसे युवा आईपीएस अधिकारियों में शामिल हो गए। आईपीएस सफीन हसन आज सिविल सेवा में उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं और देश भर के युवाओं को यह सीख दे रहे हैं कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।