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पति से मिली प्रेरणा, पत्नी बनी IAS: अब ‘पावर कपल’ संभालेगा बिहार की जिम्मेदारी

UPSC Success Story: हरियाणा की कल्पना रावत ने पांचवें प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर IAS बनने का सपना पूरा किया। उनकी सफलता के पीछे उनके पति सूर्य प्रताप सिंह का मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग रहा, जिससे यह दंपत्ति अब बिहार में ‘पावर कपल’ के रूप...

पति से मिली प्रेरणा, पत्नी बनी IAS: अब ‘पावर कपल’ संभालेगा बिहार की जिम्मेदारी
Ramakant kumar
4 मिनट

UPSC Success Story: बिहार प्रशासनिक सेवा के लिए यह एक गर्व और प्रेरणा से भरा पल है, जब एक दंपत्ति की सफलता की कहानी हर किसी के लिए मिसाल बनकर सामने आई है। हरियाणा की रहने वाली कल्पना रावत ने अपने पांचवें प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा में 78वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया। उनकी इस सफलता के पीछे सबसे खास बात यह रही कि उन्हें किसी बड़े कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं मिला, बल्कि उनके अपने पति सूर्य प्रताप सिंह ने उन्हें खुद पढ़ाया और हर कदम पर मार्गदर्शन दिया।


कल्पना रावत मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली हैं, लेकिन उनका पालन-पोषण दिल्ली के नजफगढ़ में हुआ। बचपन से ही वे पढ़ाई में तेज थीं। स्कूल के दिनों में वे हाउस कैप्टन रहीं और नेशनल लेवल पर क्रिएटिव राइटिंग के लिए पुरस्कार भी जीत चुकी हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के दौलत राम कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) में स्नातक किया।


ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की, लेकिन सफलता इतनी आसान नहीं थी। लगातार चार प्रयासों में असफलता मिलने के बाद उनका आत्मविश्वास डगमगाने लगा। एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने तैयारी छोड़ने का मन बना लिया था। लेकिन यहीं से उनकी जिंदगी में एक बड़ा मोड़ आया। उनके पति, जो खुद एक आईएएस अधिकारी हैं, ने उन्हें न सिर्फ मानसिक रूप से संभाला बल्कि खुद पढ़ाने की जिम्मेदारी भी उठाई।


सूर्य प्रताप सिंह ने अपनी व्यस्त प्रशासनिक जिंदगी के बावजूद समय निकालकर कल्पना को पढ़ाया। उन्होंने कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाया, अपने अनुभव के आधार पर नोट्स तैयार किए और उत्तर लेखन (Answer Writing) की विशेष ट्रेनिंग दी। कल्पना ने भी पूरी मेहनत और समर्पण के साथ इस मौके का लाभ उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पढ़ाई पर फोकस किया और यूट्यूब व टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का सीमित लेकिन प्रभावी उपयोग किया।


आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में यूपीएससी 2024 में 78वीं रैंक हासिल कर ली। यह सफलता सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि धैर्य, मेहनत और सही मार्गदर्शन की जीत है।


बताया जा रहा है कि सूर्य प्रताप सिंह फिलहाल बिहार के समस्तीपुर में डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर (DDC) के पद पर कार्यरत हैं। साल 2024 में शादी के बंधन में बंधे इस दंपत्ति को अब बिहार कैडर में साथ काम करने का मौका मिलेगा। इस तरह यह ‘पावर कपल’ अब बिहार के प्रशासनिक विकास में अपनी संयुक्त भूमिका निभाएगा।


यह कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो असफलताओं से निराश हो जाते हैं। कल्पना रावत की सफलता यह सिखाती है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि एक नया मौका होती है। अगर सही दिशा और मजबूत इच्छाशक्ति हो, तो हर मुश्किल को पार किया जा सकता है।


साथ ही, यह कहानी यह भी बताती है कि परिवार और जीवनसाथी का सहयोग कितना महत्वपूर्ण होता है। जब साथ में भरोसा, मेहनत और समर्पण हो, तो सफलता की राह खुद-ब-खुद बन जाती है।

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रिपोर्टर / लेखक

Ramakant kumar

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

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