ब्रेकिंग
Bihar News : केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर पथराव, बॉडीगार्ड घायल; कार्यक्रम स्थल पर मची अफरा-तफरीबिहार में सनसनीखेज वारदात: ससुराल में दामाद की बेरहमी से हत्या, शव को नमक डालकर किया दफनकुख्यात अपराधी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला, पथराव में पुलिसकर्मियों की गाड़ी क्षतिग्रस्त; ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप‘अपराधी की कोई जात नहीं होती’, बिहार में एनकाउंटर वाली राजनीति पर बोले खेसारी लाल यादवकेंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर पत्थरबाजी, कार्यक्रम के दौरान बाल-बाल बचे; हिरासत में दो युवकBihar News : केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर पथराव, बॉडीगार्ड घायल; कार्यक्रम स्थल पर मची अफरा-तफरीबिहार में सनसनीखेज वारदात: ससुराल में दामाद की बेरहमी से हत्या, शव को नमक डालकर किया दफनकुख्यात अपराधी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर हमला, पथराव में पुलिसकर्मियों की गाड़ी क्षतिग्रस्त; ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप‘अपराधी की कोई जात नहीं होती’, बिहार में एनकाउंटर वाली राजनीति पर बोले खेसारी लाल यादवकेंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर पत्थरबाजी, कार्यक्रम के दौरान बाल-बाल बचे; हिरासत में दो युवक

Mutual Fund SIP Return: म्यूचुअल फंड और SIP निवेशकों की चिंता, गिरावट के दौर में क्या हो रहा है?

शेयर बाजार में हालिया गिरावट के बीच म्यूचुअल फंड निवेशकों के बीच चिंता की लहर है, खासकर एसआईपी (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) को लेकर। दिसंबर महीने में रिकॉर्ड संख्या में एसआईपी खाते बंद हुए।

Mutual Fund SIP Return
Mutual Fund SIP Return
© Mutual Fund SIP Return
User1
3 मिनट

Mutual Fund SIP Return: शेयर बाजार में गिरावट के साथ म्यूचुअल फंड निवेशकों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई है, और खासतौर पर एसआईपी (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के प्रति उनकी आस्थाएं कमजोर होती दिखाई दे रही हैं। पिछले कुछ महीनों में म्यूचुअल फंड निवेशकों ने पहले की तुलना में ज्यादा एसआईपी खाते बंद किए हैं। दिसंबर महीने में रिकॉर्ड 45 लाख एसआईपी खाते बंद हो गए, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले मई 2024 में भी 44 लाख एसआईपी खाते बंद हुए थे, लेकिन दिसंबर का आंकड़ा इस बार और भी चौंकाने वाला है।


इस स्थिति ने बाजार के विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है क्योंकि एसआईपी को हमेशा एक लंबी अवधि के निवेश विकल्प के रूप में देखा गया था, जिससे निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित हुए बिना अच्छा रिटर्न कमा सकते थे। अब यह धारणा कमजोर हो रही है और लोग तात्कालिक लाभ के बजाय अपनी निवेश योजनाओं में बदलाव कर रहे हैं।


दिसंबर में नए एसआईपी खातों की संख्या भी काफी घट गई है, जो केवल नौ लाख रही, और यह पिछले सात महीनों में सबसे कम थी। इससे यह भी संकेत मिलता है कि नए निवेशक भी म्यूचुअल फंड और एसआईपी की ओर पहले जैसी रुझान नहीं दिखा रहे हैं।


इस बदलाव का कारण कई वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार निवेशकों का तात्कालिक प्रदर्शन या सालभर के रिटर्न के आधार पर फैसले करना है। यह शॉर्ट टर्म परिणाम कभी-कभी लंबे समय में अच्छा रिटर्न देने वाले फंडों को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में निवेशकों को धैर्य रखने की आवश्यकता है और उन्हें अपने निवेश के दीर्घकालिक लक्ष्यों के प्रति सजग रहने की सलाह दी जाती है।


भारत में एसआईपी म्यूचुअल फंड आज भी मजबूत स्थिति में हैं और निवेशकों को इनका लाभ लंबी अवधि में मिल सकता है, लेकिन यह जरूरी है कि निवेशक शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव से प्रभावित होकर जल्दबाजी में निर्णय न लें।