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BPSC TRE 4 में बदला भर्ती का गणित, भाषा में पासिंग मार्क्स से टाई-ब्रेकर तक नई व्यवस्था; जानें क्या-क्या बदला

BPSC TRE 4 में पिछली शिक्षक भर्ती परीक्षाओं की तुलना में चयन प्रक्रिया से जुड़े कई अहम बदलाव किए गए हैं। भाषा पेपर के पासिंग मार्क्स से लेकर टाई-ब्रेकर और दस्तावेज सत्यापन तक क्या बदला है, पूरी जानकारी नीचे खबर में पढ़ें।

BPSC TRE 4 में बदला भर्ती का गणित, भाषा में पासिंग मार्क्स से टाई-ब्रेकर तक नई व्यवस्था; जानें क्या-क्या बदला
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Ramakant kumar
6 मिनट

BPSC TRE 4 New Rules: BPSC ने शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE 4 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस बार परीक्षा और चयन प्रक्रिया से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया गया है. भाषा के 30 अंकों के पेपर में न्यूनतम अंक हासिल करना अनिवार्य होगा, वहीं बराबर अंक आने की स्थिति में टाई-ब्रेकर का नियम भी बदला गया है. इसके अलावा प्रश्नों का स्तर, अभ्यर्थियों की पहचान और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की गई है.


TRE 4 के नोटिफिकेशन के बाद परीक्षा पैटर्न को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध भी जारी है. अभ्यर्थी एक चरण में परीक्षा कराने और नेगेटिव मार्किंग खत्म करने की मांग कर रहे हैं. आयोग की ओर से इस बार परीक्षा और चयन प्रक्रिया में कई ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जो पिछले TRE चरणों से अलग हैं.


भाषा के पेपर में पास होना अनिवार्य

TRE 4 में हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू भाषा के 30 अंकों के पेपर में न्यूनतम अंक हासिल करना अनिवार्य होगा. भाषा के पेपर में सफल होना जरूरी है, लेकिन इसके अंक अंतिम मेरिट सूची में नहीं जोड़े जाएंगे.


अंतिम मेरिट मुख्य विषय और सामान्य ज्ञान के अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी. इस तरह भाषा का पेपर अभ्यर्थी के लिए क्वालीफाइंग रहेगा, जबकि मेरिट में मुख्य विषय और जीके के अंक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.


TRE 2 में भाषा के पासिंग मार्क्स को लेकर विवाद हुआ था. अभ्यर्थियों ने इसे मेरिट पर असर डालने वाला फैसला बताते हुए विरोध किया था. TRE 4 में आयोग ने भाषा के पेपर के लिए फिर से न्यूनतम अंक की व्यवस्था लागू की है.


बराबर अंक आने पर पहले मुख्य विषय देखा जाएगा

TRE 4 में टाई-ब्रेकर का नियम भी बदला गया है. यदि दो या उससे अधिक अभ्यर्थियों के अंक समान रहते हैं, तो सबसे पहले मुख्य विषय में प्राप्त अंकों को देखा जाएगा.


मुख्य विषय में भी अंक समान रहने पर 30 अंकों वाले भाषा पेपर में प्राप्त अंकों को प्राथमिकता दी जाएगी. इसके बाद भी बराबरी रहने पर उम्र और नाम के अक्षर के आधार पर वरीयता तय करने का नियम लागू होगा.


पिछले चरणों में बराबर अंक आने की स्थिति में उम्र और नाम के पहले अक्षर के आधार पर वरीयता देने का प्रावधान प्रभावी रहा था. TRE 4 में मुख्य विषय और भाषा के अंकों को टाई-ब्रेकर में प्राथमिकता दी गई है.


रटने के बजाय विषय की समझ पर जोर

TRE 4 में प्रश्नों के स्तर को लेकर भी बदलाव किया गया है. इस बार प्रश्न संबंधित पद के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के स्तर के आधार पर पूछे जाने की बात कही गई है.


प्राथमिक और मध्य विद्यालय स्तर के शिक्षकों के लिए प्रश्न 10वीं से 12वीं कक्षा के स्तर के अनुरूप होंगे. वहीं कक्षा 9 से 12 तक के शिक्षकों के लिए प्रश्न स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के होंगे.


प्रश्न तैयार करने में NCERT और SCERT की पुस्तकों की मूल अवधारणाओं और विषय की समझ को महत्व दिया जाएगा. इससे अभ्यर्थियों की केवल याद करने की क्षमता के बजाय विषय पर पकड़ को परखा जाएगा.


आवेदन से ज्वाइनिंग तक पहचान की निगरानी

TRE 4 में अभ्यर्थियों की पहचान और दस्तावेज सत्यापन को भी अधिक सख्त किया गया है. आवेदन के दौरान कंप्यूटर के वेबकैम से लाइव और स्पष्ट फोटो लेना जरूरी होगा.


आरक्षण, नॉन क्रीमीलेयर यानी NCL और EWS से जुड़े प्रमाणपत्र आवेदन की अंतिम तिथि से पहले जारी होने चाहिए. परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी की पहचान की जांच की जाएगी.


नियुक्ति और ज्वाइनिंग तक आधार आधारित फिंगरप्रिंट और फेसियल स्कैनिंग के माध्यम से भी सत्यापन किया जाएगा. इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी दूसरे व्यक्ति के स्थान पर परीक्षा देने और दस्तावेजों में फर्जीवाड़े की संभावना को कम करना है.


नेगेटिव मार्किंग को लेकर क्या है स्थिति

TRE 4 में नेगेटिव मार्किंग नहीं होने की व्यवस्था बरकरार रखी गई है. इसे लेकर अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में और बदलाव की मांग कर रहे हैं. अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षा एक ही चरण में कराई जाए और चयन प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता दी जाए.


एक नजर में समझें TRE 4 में क्या बदला

पहलू
पिछले TRE चरण
TRE 4
भाषा का पेपर
TRE 2 में पासिंग मार्क्स को लेकर बदलाव हुआ था
30 अंकों के भाषा पेपर में न्यूनतम अंक
भाषा के अंक
मेरिट में शामिल नहीं
मेरिट में शामिल नहीं, लेकिन टाई-ब्रेकर में महत्व
नेगेटिव मार्किंग
नहीं    
नहीं    
प्रश्नों का स्तर
कठिन या सिलेबस से बाहर के प्रश्नों की शिकायतें
न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता और विषय की समझ पर आधारित
टाई-ब्रेकर
उम्र और नाम के अक्षर को प्राथमिकता
पहले मुख्य विषय, फिर भाषा के अंक, इसके बाद उम्र और नाम
पहचान सत्यापन
 मुख्य रूप से दस्तावेज सत्यापन
लाइव फोटो, आधार बायोमेट्रिक और फेसियल सत्यापन
प्रमाणपत्र
सत्यापन के दौरान जांच
आरक्षण, NCL और EWS प्रमाणपत्र अंतिम तिथि से पहले का होना जरूरी


TRE 4 में किए गए बदलावों से परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की पहचान, दस्तावेज सत्यापन और मेरिट निर्धारण को अधिक स्पष्ट बनाने की कोशिश की गई है. भाषा के पेपर में पासिंग मार्क्स की वापसी और टाई-ब्रेकर में मुख्य विषय के अंकों को प्राथमिकता इस बार की चयन प्रक्रिया के प्रमुख बदलाव हैं.


परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध जारी है. अब आयोग और अभ्यर्थियों के बीच इन मांगों को लेकर आगे क्या फैसला होता है, इस पर नजर रहेगी.