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33वीं बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा में पहली बार लागू होगा ‘पांचवां विकल्प’, नेगेटिव मार्किंग की नई व्यवस्था लागू

BPSC Judicial Service Exam: 33वीं बिहार न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा में पहली बार बीपीएससी की पांचवें विकल्प वाली नई उत्तर प्रणाली लागू होगी। परीक्षा में अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा और सवाल खाली छोड़ने पर नेगेटिव मार्किंग होगी।

BPSC Judicial Service Exam
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

BPSC Judicial Service Exam: तीन जून को आयोजित होने वाली 33वीं बिहार न्यायिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा में बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) पहली बार नई उत्तर प्रणाली लागू करने जा रहा है। इस परीक्षा में अब पारंपरिक चार विकल्पों की जगह पांच विकल्प दिए जाएंगे। साथ ही अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय देने का भी फैसला किया गया है।


बीपीएससी द्वारा जारी नई व्यवस्था के तहत प्रश्न पत्र में अब ए, बी, सी, डी और ई कुल पांच विकल्प होंगे। इनमें विकल्प ‘ई’ का अर्थ होगा — “प्रश्न का उत्तर नहीं दिया गया”। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है, तो उसे अनिवार्य रूप से विकल्प ‘ई’ भरना होगा।


यदि कोई उम्मीदवार किसी प्रश्न में ए से लेकर ई तक कोई भी विकल्प खाली छोड़ देता है, तो उस पर एक-तिहाई अंक की नेगेटिव मार्किंग की जाएगी। आयोग का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।


परीक्षा में नई उत्तर प्रणाली लागू होने के कारण अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा। प्रथम पाली की सामान्य अध्ययन परीक्षा के लिए 10 मिनट अतिरिक्त जोड़े गए हैं। अब यह परीक्षा सुबह 10:00 बजे से 11:40 बजे तक आयोजित होगी।


वहीं दूसरी पाली में विधि विषय की परीक्षा के लिए 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया गया है। इसका नया समय दोपहर 2:00 बजे से 4:15 बजे तक निर्धारित किया गया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त समय की यह व्यवस्था केवल 33वीं बिहार न्यायिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा के लिए लागू होगी। इसे भविष्य की अन्य परीक्षाओं के लिए मानक नहीं माना जाएगा।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता