1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sun, 01 Feb 2026 04:22:55 PM IST
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Bihar News: बिहार सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब इस योजना के तहत शिक्षा ऋण केवल उन्हीं छात्र-छात्राओं को मिलेगा, जो NAAC, NBA या NIRF जैसी मान्यता प्राप्त एजेंसियों से मूल्यांकन प्राप्त शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों में पढ़ रहे हैं।
राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना मूल्यांकन वाले संस्थानों के छात्र 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से इस योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे। भागलपुर जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र के प्रबंधक रवि रंजन ने बताया कि सरकार ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को NAAC, NBA और NIRF से मूल्यांकन कराने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों की मूल्यांकन अवधि समाप्त होने को है, उन पर भी यह नियम लागू होगा। मूल्यांकन नहीं कराने वाले संस्थानों का नाम आवेदन पोर्टल से हटा दिया जाएगा। भागलपुर जिले के कई निजी शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों के छात्र अब तक इस योजना का लाभ ले रहे थे, भले ही उनके संस्थान का किसी भी एजेंसी से मूल्यांकन नहीं हुआ हो।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे संस्थानों के छात्रों के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के दरवाजे बंद हो जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी और छात्रों को मान्यता प्राप्त संस्थानों से पढ़ाई के बाद प्लेसमेंट में सुविधा मिलेगी।
निर्देश के अनुसार, फरवरी में निजी संस्थानों को मूल्यांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिन संस्थानों का मूल्यांकन नहीं होगा, उन्हें विभाग की नई वेबसाइट पर अपनी असेसमेंट रिपोर्ट अपलोड करनी होगी। इसके बाद इन संस्थानों को AISHE कोड जारी किया जाएगा।
भागलपुर जिले में कई निजी संस्थान इस योजना का लाभ ले रहे हैं। छात्र लोन लेकर नर्सिंग, बीएड और अन्य कोर्स कर रहे हैं। लेकिन मूल्यांकन में देरी करने वाले संस्थानों के बच्चों को अब एजुकेशन लोन नहीं मिलेगा।