1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 10 Nov 2025 11:42:21 AM IST
सफलता की कहानी - फ़ोटो GOOGLE
Success Story: जीवन में कठिनाइयां और चुनौतियां हर किसी के सामने आती हैं, लेकिन उन्हें पार कर अपने सपनों को साकार करना हर किसी के बस की बात नहीं होती। मध्यप्रदेश की नीमच ज़िले के छोटे से गांव हरवार की बेटी पूजा जाट ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, जज्बा और आत्मविश्वास के सामने कोई भी बाधा टिक नहीं सकती। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) द्वारा 2023 में आयोजित राज्य सेवा परीक्षा के अंतिम परिणामों में पूजा जाट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7वां स्थान हासिल किया और अब वे मध्यप्रदेश पुलिस सेवा में डीएसपी के पद पर अपनी नियुक्ति पाकर एक नई उपलब्धि की मिसाल बन गई हैं।
पूजा का यह सफर सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने गरीबी, सामाजिक बंदिशों और परिवारिक संघर्षों के बावजूद कभी हार नहीं मानी। उनके साहस, लगन और कठिन परिश्रम ने यह साबित किया कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, लक्ष्य की ओर बढ़ते रहने वाले व्यक्ति की मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। पूजा जाट की यह कहानी खासकर उन लड़कियों और युवाओं के लिए मार्गदर्शन बन गई है, जो अपने सपनों को साकार करने की राह में सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
बता दें कि पूजा का बचपन कठिन परिस्थितियों में बीता। एक किसान परिवार में जन्मी पूजा के पिता नशे की गिरफ्त में थे, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। इस मुश्किल समय में उनकी मां संतोष बाई ने बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण की जिम्मेदारी संभाली। शुरुआती शिक्षा उन्होंने राजस्थान में प्राप्त की, फिर परिवार हरवार गांव लौट आया। बचपन से ही पूजा के भीतर कुछ कर दिखाने का जज्बा था, और उनके बड़े भाई आनंद जाट ने तय किया कि उनकी बहन अधिकारी बनेगी। खेतों में दिन-रात मेहनत करने वाले आनंद ने अपनी बहन की पढ़ाई के लिए हर संभव प्रयास किया, कई बार कर्ज लेकर भी उनके शिक्षा और रहन-सहन का खर्च उठाया।
पूजा ने आठ साल तक इंदौर में पढ़ाई की और कई बार प्रीलिम्स और मेंस परीक्षा में सफल होने के करीब पहुंचीं, लेकिन हर बार सफलता हाथ नहीं लगी। पांचवें प्रयास में उन्होंने MPPSC की परीक्षा पास की और डीएसपी बनने में सफल हुईं। पूजा का कहना है कि भाई के त्याग और समर्थन के बिना वह यह मुकाम हासिल नहीं कर पाती। उनके इस संघर्ष ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे गांव और समाज को यह संदेश दिया है कि लड़कियों के सपनों को नकारा नहीं जा सकता।
आज हरवार का यह छोटा सा परिवार पूरी तरह मिसाल बन चुका है। वह समाज के उन लोगों के लिए प्रेरणा हैं जो कहते थे कि लड़कियों को पढ़ाई के लिए आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। पूजा जाट का नाम अब केवल हरवार या नीमच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह पूरे मध्य प्रदेश में बेटियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गई हैं। उनकी सफलता ने साबित कर दिया है कि कठिन मेहनत, परिवार का सहयोग और अडिग इच्छाशक्ति किसी भी सामाजिक या आर्थिक बाधा को पार कर सकती है।