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Success Story: फीस भरने के लिए अनाज बेचा, पिता की हत्या के बाद भी कम नहीं हुआ हौसला; मुश्किलों के बावजूद बनें IPS

Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा को भारत की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है. ऐसे ही एक प्रेरणादायक कैंडिडेट हैं बजरंग प्रसाद यादव. जानें... सफलता की कहानी.

Success Story
सफलता की कहानी
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Viveka Nand
3 मिनट

Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा को भारत की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में सफलता पाने का सपना देखते हैं, लेकिन चुनिंदा लोग ही अपने लक्ष्य को हासिल कर पाते हैं। ऐसे ही एक प्रेरणादायक कैंडिडेट हैं उत्तर प्रदेश के बजरंग प्रसाद यादव, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद IPS अधिकारी बनने का सपना साकार किया।


बजरंग प्रसाद यादव का जीवन कठिनाइयों से भरा रहा है। आजमगढ़ जिले के एक छोटे से गाँव के रहने वाले बजरंग के लिए सबसे बड़ा झटका साल 2014 में आया, जब वह 10वीं कक्षा के छात्र थे। तभी कुछ लोगों ने उनके पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। यह हादसा उनके जीवन को पूरी तरह से झकझोर गया।


पिता की हत्या के बाद न केवल मानसिक आघात मिला, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद खराब हो गई। घर चलाना, पढ़ाई करना और मानसिक संघर्ष से जूझना – ये सब उनके लिए एक साथ शुरू हो गया। कई बार तो ट्यूशन की फीस भरने के लिए उन्होंने घर का अनाज तक बेच दिया।


बजरंग प्रसाद ने अपने पिता के उस अधूरे सपने को पूरा करने की ठानी जिसमें वे चाहते थे कि उनका बेटा एक बड़ा अधिकारी बने। उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और फिर UPSC की तैयारी शुरू कर दी। हालांकि पहले दो प्रयासों में उन्हें असफलता मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।


लगातार प्रयासों और मजबूत आत्मबल के साथ बजरंग प्रसाद यादव ने साल 2022 में अपने तीसरे प्रयास में UPSC की परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक 454 हासिल की। उनकी इस रैंक के आधार पर उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए हुआ। इस सफलता के साथ ही न केवल उनके परिवार का गर्व बढ़ा, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए भी वे प्रेरणा बन गए जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने की कोशिश कर रहे हैं।


बजरंग का कहना है कि उनके पिता का सपना और उनके हत्यारों को सजा दिलाने की इच्छा ने उन्हें हिम्मत दी। वे अब एक ऐसे अधिकारी बनना चाहते हैं, जो गरीबों, शोषितों और पीड़ितों को न्याय दिला सके। उन्होंने कहा, कि मैंने सिर्फ एक नौकरी नहीं पाई है, बल्कि अपने पिता के अधूरे सपनों को पूरा किया है। अब मैं समाज में बदलाव लाना चाहता हूं। प्रेरणा का स्त्रोत


बजरंग प्रसाद यादव की कहानी संघर्ष, संकल्प और सफलता की अद्भुत मिसाल है। वह लाखों UPSC उम्मीदवारों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत हैं, जो यह सिखाते हैं कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत हो तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती है।